एलओसी पर भारतीय सैनिकों के शवों के साथ पाकिस्तानी सेना की हैवानियत की भारत ने कड़ी निंदा की। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने दिल्ली में इस घटना की निंदा की और कहा कि शहीद सैनिकों के साथ इस तरह की हरकत बर्बरता की पराकाष्ठा है।
हमारी सेना इस अमानवीय कृत्य का मुंहतोड़ जवाब देगी। शहीद जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। सेना के बयान में कहा गया है कि एक सैनिक और बीएसएफ के हेड कांस्टेबल के शवों के साथ बर्बरता की गई है लेकिन एक वरिष्ठ सेना अधिकारी ने बताया कि पाक सेना ने शहीद जवानों का सिर काट दिया है। पाकिस्तानी सेना की यह पूर्व नियोजित कार्रवाई थी। उसका निशाना पेट्रोलिंग कर रहे हमारे 7-8 जवान थे। लेकिन पेट्रोलिंग टीम के दो जवान जैसे ही पीछे छूट गए, बैट ने उनकी हत्या कर दी।
पाक सेना का इनकार
पाकिस्तानी सेना ने भारतीय जवानों के शवों के साथ बर्बर कार्रवाई करने से इनकार किया है। सेना ने बयान जारी कर कहा कि पाक सेना ने एलओसी पर न तो सीजफायर का उल्लंघन किया और न ही बैट ने कृष्णा घाटी सेक्टर में कोई कार्रवाई की है। भारतीय सैनिकों के शवों के साथ बर्बरता हरकत करने के भारत के आरोप गलत हैं।
मुंहतोड़ जवाब देंगे
रक्षा मंत्री अरुण जेटली और भारतीय सेना ने कहा है कि हमारे सैनिकों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। हम इस बर्बर कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देंगे। रक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे हमले युद्ध के दौरान भी नहीं होते और सरकार इस करतूत की कड़ी निंदा करती है। देशवासियों को भरोसा है कि हमारी सेना इसका माकूल जवाब देगी।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पाकिस्तान से बातचीत पर कहा कि जहां तक कांग्रेस की बात है तो हमें अपने पड़ोसियों के साथ बातचीत रखनी होगी। उन्होंने कहा कि अटल जी ने कहा था हम नीतियां बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं।
As far as Cong is concerned,hv to keep dialogue open wth neighbors,as Atal ji said we can change policy nt neighbors-DSingh on talks wth Pak pic.twitter.com/aRlv7EnbeM
— ANI (@ANI_news) May 1, 2017
शहीद की मां बोली-अब निर्णायक जंग का वक्त आ गया है
भारतीय सैनिकों के शवों के साथ पाक की बर्बरतापूर्ण हरकत के बाद शहीद हेमराज की मां ने कहा कि जब मेरे बेटे के शव के साथ बर्बरता की गई थी तो सरकार ने कहा था, एक के बदले 10 सिर लाएंगे। उन्होंने कहा कि अब निर्णायक जंग का वक्त आ गया है। जवान हेमराज 2013 में शहीद हुआ था।
When my son's body was mutilated,govt said 10 heads will be brought for 1.It's time for decisive war-Mother of Hemraj, who lost life in 2013 pic.twitter.com/4mM9ibuHfF
— ANI (@ANI_news) May 1, 2017
शहीद हुए सैनिक
22 सिख रेजिमेंट के नायब सूबेदार परमजीत सिंह
बीएसएफ की 200वीं बटालियन के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर
बीएसएफ जवान राजिंदर सिंह जख्मी
इसी जगह बाजवा ने उगला था जहर
उल्लेखनीय है कि पाक सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा घटना से एक दिन पहले एलओसी के पास उसी जगह पहुंचकर कश्मीरियों को सियासी सहयोग देने और कश्मीर में हो रही हिंसा का समर्थन किया था। माना जा रहा है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद रियासत में पाकिस्तान प्रायोजित हिंसा और आतंकी वारदातों में एकाएक बढ़ोतरी हो गई है।
घृणित करतूतों का अंतहीन सिलसिला
- 1999 में करगिल युद्ध के दौरान पाक सेना द्वारा जिंदा पकड़े गए 4 जाट रेजिमेंट के कैप्टन सौरभ कालिया, सिपाही अर्जुनराम, मूलाराम, नरेश, भंवरलाल और भीखाराम को अमानवीय यातनाएं देने में पाकिस्तान ने सारी सीमाएं लांघ दी थीं। इनके कानों के परदे में गरम लोहे की छड़ से छेद किए गए, आंखें निकालीं गई, जलती सिगरेट से दागा गया और शरीर के अनेक अंग भी काटे गए। यह खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ था।
- फरवरी 2000 में मराठा रेजिमेंट के जवान भाउ साहेब कालेकर के शव के साथ बर्बरता की गई।
- 2008 में गोरखा रेजिमेंट का एक जवान रास्ता भटक कर एलओसी के पार पहुंच गया था। पाकिस्तान ने पहले तो उसे अमानवीय प्रताड़नाएं दीं, फिर उसके शव के साथ भी नृशंसता की।
- 8 जनवरी 2013 को कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तानी बैट ने भारतीय इलाके में घुसकर दो सैनिकों हेमराज और सुधाकर की हत्या की। दोनों के शवों से बर्बरता की और शहीद हेमराज का सिर काटकर ले गए।