मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भारतीय स्वदेशी रक्षा उद्योग ने एक मित्र देश को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों, आकाश वायु रक्षा प्रणालियों और तोपखाने बंदूकों सहित प्रमुख रक्षा प्रणालियों की बिक्री के साथ निर्यात बढ़ाने में सफलता हासिल की है।
रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया का विस्तार करते हुए भारत का रक्षा निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर पर वित्त वर्ष 2022-23 में 16,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि निर्यात में 23 गुना बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही भारतीय डिजाइन और विकास क्षमताओं की पहुंच 85 से अधिक देशों तक हो गई है।
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मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि भारतीय स्वदेशी रक्षा उद्योग ने एक मित्र देश को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों, आकाश वायु रक्षा प्रणालियों और तोपखाने बंदूकों सहित प्रमुख रक्षा प्रणालियों की बिक्री के साथ निर्यात बढ़ाने में सफलता हासिल की है। भारतीय निर्यात रणनीति में उन देशों के लिए नए मार्केट की पहचान करना शामिल हैं, जो मित्रवत हैं और सैन्य हार्डवेयर के लिए दीर्घकालिक संबंध देख रहे हैं। भारतीय उद्योग अब अपने सैन्य हार्डवेयर के निर्यात के लिए दक्षिण पूर्व एशिया व अफ्रीका सहित कई देशों में वैश्विक कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
वायुसेना उप प्रमुख ने उड़ाया देश में बना प्रशिक्षु विमान एचटीटी-40
वायु सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शुक्रवार को बंगलूरू में हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर एयरक्राफ्ट-40 (एचटीटी-40) के साथ उड़ान भरी। भारतीय वायु सेना ने एक बयान में कहा कि विमान को स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित किया गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के विमान अनुसंधान और डिजाइन केंद्र ने इसे भारत के सशस्त्र बलों की प्रशिक्षण जरूरतों के लिए तैयार किया है।
हवा में कलाबाजी करने में भी दक्ष
एचटीटी-40 हवा में कलाबाजियां करने की क्षमता रखता है और यह चार ब्लेड वाले टर्बो-इंजन से संचालित है। विमान आधुनिकतम सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित है।