कर्नाटक के भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री बन सकता है। उन्होंने छात्र नेता से लेकर राज्य के शीर्ष पद तक के अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए यह बात कही।
पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, मैं 1979-80 से पार्टी में हूं। छात्र नेता के रूप में मैंने स्कूलों और कॉलेजों से लोगों को जोड़ा। इस बात से सभी को खुशी होनी चाहिए। आपके जैसे समर्पित कार्यकर्ता भी मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
क्रिकेटर विराट कोहली को दीं शुभकामनाएं
उन्होंने क्रिकेटर विराट कोहली को भी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आईपीएल फाइनल के दौरान कोहली के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि कर्नाटक के प्रशंसकों, आरसीबी समर्थकों, राज्य और सरकार की ओर से वह उनकी सफलता की कामना करते हैं। उन्होंने कहा, उन्होंने इस साल भी बहुत अच्छा खेल दिखाया है। मैं उनकी सफलता के लिए दिल से शुभकामनाएं देता हूं।
तीन जून को लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह
उपमुख्यमंत्री के रूप में तीन साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद शिवकुमार अब कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने जा रहे हैं। उनका शपथ ग्रहण समारोह तीन जून को बंगलूरू के लोक भवन में आयोजित होगा।
शिवकुमार ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत को पत्र सौंपकर उन्हें कांग्रेस विधायक दल का सर्वसम्मति से चुना गया नेता होने की जानकारी दी। यह कदम पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के 28 मई को स्वेच्छा से इस्तीफा देने के बाद उठाया गया। राज्यपाल ने तत्काल प्रभाव से पुरानी मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया, लेकिन नई सरकार के शपथ लेने तक सिद्धारमैया से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा है।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि तीन जून को होने वाले शपथ ग्रहण से पहले नई कर्नाटक कैबिनेट में मंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की संख्या अभी तय नहीं हुई है। कलबुर्गी हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में खरगे ने कहा, अभी कोई प्रस्ताव नहीं आया है। प्रस्ताव आने के बाद तय किया जाएगा कि कितने मंत्री और उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे। तीन जून के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
मंत्री शपथ लेंगे या नहीं, इस पर हाईकमान फैसला करेगा: शिवकुमार
कांग्रेस विधायक दल के नेता डीके शिवकुमार ने कहा कि पार्टी हाईकमान तय करेगा कि तीन जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में उनके साथ मंत्री शपथ लेंगे या नहीं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर और कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। नई सरकार के बनने के बारे में एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा कि मुझे इसके बारे में नहीं पता। पार्टी हाईकमान फैसला लेगा। मैं इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
रेस कोर्स रोड के पास प्रस्तावित कांग्रेस भवन के लिए तय जगह का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि पार्टी शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद नई ऑफिस बिल्डिंग के लिए नींव रखने का समारोह करने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि तीन जून को शपथ ग्रहण समारोह के बाद हम रेस कोर्स रोड के पास कांग्रेस भवन बनाने के लिए भूमि पूजा करने की योजना बना रहे हैं।
समारोह में कौन-कौन शामिल होंगे?
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने अभी तक अपनी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की है। शिवकुमार ने कहा कि सभी ब्लॉक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष, विधायक और पूर्व विधायक पार्टी के अलग-अलग सहयोगी दलों के अध्यक्षों, सांसदों और अलग-अलग कॉर्पोरेशन और बोर्ड के अध्यक्षों को न्योता दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम आम लोगों के लिए नहीं होगा। हमारे पार्टी कार्यकर्ता को हमें माफ करना चाहिए। जगह की कमी के कारण सिर्फ बुलाए गए मेहमानों को ही जगह दी जाएगी। राहुल गांधी को अभी शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण आधिकारिक तौर पर नहीं दिया गया है। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी की अगुवाई में चल रही हैं।
शपथ ग्रहण समारोह का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि पार्टी के नेताओं के लिए कांग्रेस ऑफिस में एलईडी स्क्रीन पर शपथ ग्रहण समारोह देखने का इंतजाम किया गया है, क्योंकि सभी को वेन्यू पर बुलाना मुमकिन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें कम से कम उन नेताओं को यह मौका तो देना चाहिए, जिन्होंने हमारे लिए काम किया और संघर्ष किया।
जब राज्य भर में 100 पार्टी कार्यालयों की नींव रखने के प्लान के बारे में पूछा गया तो शिवकुमार ने कहा कि यह कदम आने वाले दिनों में शुरू किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह के लिए जगह चुनने पर शिवकुमार ने कहा कि बंगलूरू के लोगों को परेशानी से बचाने और गाड़ियों की भारी भीड़ से होने वाले ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए यह कार्यक्रम लोक भवन में होगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम सादे तरीके से हो रहा है, इसलिए इसमें ज्यादा भीड़ नहीं हो पाएगी। हमारे पार्टी कार्यकर्ता हमें माफ करें।
यतींद्र सिद्धारमैया ने जताई मंत्री बनने की उम्मीद
वहीं, कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नई कर्नाटक कैबिनेट में उन्हें जगह मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें मंत्री बनाए जाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने कहा कि अभी तक कुछ भी अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है, लेकिन उन्हें अपनी संभावनाओं को लेकर उम्मीद है।
यतींद्र ने पत्रकारों से कहा, अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। मैं मंत्री पद का दावेदार हूं और हाईकमान ने भी मुझे मंत्री बनाए जाने का आश्वासन दिया है। इसलिए स्वाभाविक रूप से मुझे उम्मीद है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए डीके शिवकुमार से मुलाकात कर उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा, मैं उनसे केवल विधान सौधा और कुछ अन्य मौकों पर मिला था। मैं पहले कभी उनके कार्यालय या आवास पर नहीं गया था। इसलिए मैं उन्हें व्यक्तिगत रूप से बधाई देने आया था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल हैं, तो यतींद्र ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके समर्थकों ने ऐसी कोई मांग की है। उन्होंने कहा, हमने उपमुख्यमंत्री पद के लिए न कोई प्रस्ताव दिया है और न ही कोई मांग रखी है। हमें यह भी नहीं पता कि हाईकमान क्या फैसला करेगा। जब उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाती है तो क्या वह इसे संभाल पाएंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, पहले ऐसा होने दीजिए, फिर देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण और मैसूर जिले के राजनीतिक मामलों पर चर्चा की है, लेकिन इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी।