महाराष्ट्र में जल्द होने वाले ग्रामीण और शहरी निकाय चुनावों में सत्ताधारी गठबंधन महायुति की घटक दल एनसीपी अकेले चुनाव लड़ेगी। हालांकि जिले स्तर पर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय के अनुसार गठबंधन किया जा सकता है। यह जानकारी पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रफुल पटेल ने दी।
महाराष्ट्र में जल्द होने वाले ग्रामीण और शहरी निकाय चुनावों को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रफुल पटेल ने सोमवार को कहा कि पार्टी स्थानीय स्तर पर अकेले चुनाव लड़ेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर गठबंधन का रास्ता खुला है।
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'राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में महायुति के साथ हैं'
प्रफुल पटेल ने अपने गोंदिया स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा, 'जहां तक महायुति गठबंधन का सवाल है, वह राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में साथ है। लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव में फैसले जिला स्तर पर लिए जाएंगे। हमारे कई कार्यकर्ता चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसलिए पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ेगी। फिर भी स्थानीय स्तर पर गठबंधन की संभावना बनी हुई है।'
महाराष्ट्र में लंबित स्थानीय निकाय चुनाव
इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया था कि वह स्थानीय निकाय चुनाव जनवरी 2026 तक पूरा करे। इनमें जिला परिषद, पंचायत समितियां और नगरपालिकाएं शामिल हैं। मुंबई महानगरपालिका के चुनाव भी तीन साल से लंबित हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद का आश्वासन
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल पटेल ने महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'हमने पहले ही राज्य सरकार से प्रभावित किसानों को अधिकतम मदद देने का अनुरोध किया है।' गोंदिया और भंडारा के बारिश से प्रभावित जिलों की स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि इन दोनों जिलों में अधिक नुकसान नहीं हुआ है और अधिकांश जगहों पर धान की फसल अच्छी रही। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और राज्य में बाढ़ और बारिश से प्रभावित लोगों के लिए वित्तीय मदद मांगी है। उन्होंने कहा, 'एनसीपी के विधायक और सांसद अपने एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करेंगे। हमारी संवेदनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं।'
मराठा आरक्षण पर भी बोले प्रफुल पटेल
मराठा आरक्षण विवाद पर एनसीपी नेता ने कहा कि किसी भी पार्टी को किसी जाति का वर्ग बदलने का अधिकार नहीं है और सभी मराठाओं को कुनबी जाति प्रमाण पत्र नहीं मिलेंगे। कुनबी जाति प्रमाण पत्र हैदराबाद गजेटियर के आधार पर योग्य मराठाओं को मिलेगा। हैदराबाद गजेटियर, जो स्वतंत्रता पूर्व का दस्तावेज है, के आधार पर मराठवाड़ा क्षेत्र के मराठों को कुनबी (ओबीसी) वर्ग का दर्जा मिलेगा। इससे वे सरकारी नौकरी और शिक्षा में आरक्षण के लिए पात्र होंगे। प्रफुल पटेल ने यह भी स्पष्ट किया कि मराठा आरक्षण से पहले से मौजूद ओबीसी आरक्षण प्रभावित नहीं होगा।