लखीमपुर खीरी जिले में कर्ज माफी के नाम पर अभी तक चवन्नी-अठन्नी माफ होने की बातें सामने आ रही थीं, लेकिन अब 56 किसानों का ऐसा मामला सामने आया है जिसने किसानों को हैरत में डाल दिया है। इन किसानों ने खुद ही अपना कर्ज जमा कर दिया था लेकिन इन्हें भी कर्जदार दिखाते हुए कर्जमाफ दिखाया गया और समारोह में कर्जमाफी का प्रमाण पत्र भी दिया गया।
किसानों ने समझा कि उन्होंने जो पैसा पहले जमा कर दिया है अब वापस मिल जाएगा। जब वह अपना पैसा इलाहाबाद बैंक की सुंदरवल शाखा में लेने गए तो बताया गया कि वह अपात्र थे और पैसा शासन को वापस लौटा दिया गया है। किसानों ने डीएम दफ्तर में शिकायत करते हुए प्रमाण पत्र के अनुसार बैंक से पैसा दिलाने की मांग की।
हुआ यह कि इलाहाबाद बैंक शाखा सुंदरवल से प्रथम चरण के प्रमाण पत्रों में 56 किसान हैं, जिन्होंने अपना कर्जा जमा कर दिया था। कर्जा माफी के लिए जब बैंक ने सूची तैयार की तो उसमें गलती से उन्हें कर्जदार दर्शाते हुए पात्र मान लिया। लेखपालों ने भी सत्यापन कर दिया और सभी किसानों को कर्जा माफी का प्रमाण पत्र भी समारोह में दे दिया गया। इनमें अधिकांश किसानों का 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक कर्ज माफ किया गया।
कर्जा माफ होने की खुशी के साथ किसान जब अपना पैसा लेने बैंक गए तो उन्हें बताया गया कि आप कर्जदार हो ही नहीं तो कर्जा माफी किस बात की। अपात्र होने के कारण शासन को पैसा लौटा दिया गया है। इससे झल्लाए किसान डीएम दफ्तर पहुंच गए और शिकायत की है।
शिकायत करने वाले किसानों में इनायमुल्ला, नसरत खां, सुखविंदर कौर, भाग सिंह, लखवीर सिंह और गुरुजंट सिंह निवासीगण गांव देवरिया तहसील लखीमपुर के हैं। किसानों का कहना है कि बैंक ने उनके खातों में भी माफ की गई रकम अंकित कर दी तो उनका पैसा मिलना चाहिए, जबकि शाखा प्रबंधक का कहना है कि अपात्र होने के कारण सारी धनराशि शासन को लौटा दी गई है।