ब्रिटिश सांसद डेबी अब्राहम्स के भारत में प्रवेश से रोकने व एयरपोर्ट से ही वापस भेजने के मुद्दे पर आज विदेश मंत्रालय ने खरी-खरी बात कही। प्रवक्ता रवीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ब्रिटेन की सांसद डेबी अब्राहम्स बिना वैध वीजा के यहां आई थीं। इसलिए हमने उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से 'बड़ी इज्जत से' वापस भेज दिया। हम मानते हैं कि उनके बयान और विचारधारा भारत विरोधी हैं। भारत के खिलाफ उनकी ओर से निरंतर अभियान चलाया जा रहा है।
क्या था मामला
लंदन में भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की थी कि ब्रिटिश सांसद डेबी अब्राहम्स के पास वैध वीजा नहीं था इसलिए उन्हें सोमवार को भारत में प्रवेश से रोक दिया गया था। विपक्षी लेबर पार्टी की सांसद और कश्मीर पर सर्वदलीय सांसद समूह की अध्यक्ष अब्राहम्स ने दावा किया था कि वह अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों से मिलने के लिए वैध ई-वीजा पर भारत की यात्रा कर रही थीं लेकिन उनके वीजा को बिना स्पष्टीकरण के रद्द कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अचानक से उनका वीजा क्यों खारिज कर दिया गया?
भारतीय उच्चायोग ने ट्विटर पर एक बयान में कहा था, मिशन ने भारत के आव्रजन अधिकारियों से इस बात की पुष्टि की है कि डेबी अब्राहम्स के पास वैध वीजा नहीं था। ब्रिटिश नागरिकों के लिए आगमन पर वीजा का प्रावधान भी नहीं है। इस हिसाब से उनसे लौटने का अनुरोध किया गया।
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त करने के भारत सरकार के फैसले की मुखर आलोचक अब्राहम्स ने ट्विटर पर एक तस्वीर साझा की थी जो एक ई-वीजा जैसी लगती है। उन्होंने यह दर्शाना चाहा कि उन्हें पिछले साल सात अक्टूबर को वीजा जारी किया गया था जो पांच अक्टूबर 2020 तक वैध था।
लेबर पार्टी की सांसद ने सवाल किया था, एक बार फिर अहम सवाल यह उठता है कि इसे क्यों रद्द किया गया और कब? दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने ट्वीट किया कि सोमवार सुबह वह यहां पहुंची थीं और उन्हें बताया गया कि उनका ई वीजा रद्द कर दिया गया है।
ब्रिटिश सांसद ने कहा कि वह अपने दस्तावेजों और ई-वीजा के साथ आव्रजन डेस्क के सामने पेश हुईं। उन्होंने कहा, अधिकारी ने अपनी स्क्रीन पर देखा और मुझसे कहा कि मेरा वीजा रद्द कर दिया गया है। उन्होंने मेरा पासपोर्ट ले लिया और वह करीब दस मिनट के लिए गायब हो गए।