कोलकता में नकली टीकाकरण अभियान चलाने वाले देबंजन देव ने पुलिस के सामने अपनी गलती कबूल कर ली। देब ने कहा कि पारिवारिक दबाव और समाज में प्रसिद्धि पाने के लिए उन्होंने यह सब किया। उन्होंने कहा कि पिता का सपना था कि मैं आईएएस अधिकारी बनूं।
कोलकाता में नकली टीकाकरण शिविर आयोजित करने और खुद को आईएएस अधिकारी का दावा करने वाले देबंजन देब ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला बयान दिया। देबंजन देब ने कहा कि पारिवारिक दबाव और शोहरत पाने के लिए उन्होंने ऐसा किया। कोलकाता पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह समाज में प्रसिद्धि पाने और पारिवारिक दबाव के कारण फर्जी आईएएस और नकली टीकाकरण शिविर चलाया। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमें उनकी हर बात को क्रॉस-चेक करने की जरूरत है।
विज्ञापन
देबंजन पर नकली टीकाकरण शिविर चलाने के लिए ठेकेदारों और व्यापारियों से मोटी रकम वसूलने का आरोप है। देब ने ठेकेदारों से दोस्ती कर उन्हें सरकार से बड़े-बड़े कांट्रैक्ट दिलाने का वादा किया, लेकिन जब ठेका दिलाने में वह असफल रहे तो लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने जांच शुरू की तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए।
दरअसल, देब के पिता एक वरिष्ठ आबकारी अधिकारी थे। कुछ साल पहले वह रिटायर्ड हो गए। उनका सपना था कि उनका बेटा देबंजन देब एक आईएएस अधिकारी बने। देब ने 2017 में यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन प्रीलिम्स पास नहीं कर पाए। हालांकि, देब ने 2018 में अपने पिता से झूठ बोला कि वह आईएएस की परीक्षा पास कर अधिकारी बन गए।