पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर पश्चिम बंगाल में हमले के बाद से केंद्र सरकार और ममता बनर्जी में ठन गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाने के जवाब में ममता बनर्जी की सरकार ने रविवार को साफ कहा कि वह इन अधिकारियों को दिल्ली नहीं भेजेगी।
दरअसल केंद्र ने पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था को लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से रिपोर्ट मांगी थी, उसके बाद गृह मंत्रालय ने तीनों आईपीएस अधिकारियों डायमंड हार्बर के एसपी भोलानाथ पांडे, दक्षिण बंगाल के एडीजी राजीव मिश्रा और प्रेसिडेंसी रेंज के डीआईजी प्रवीण कुमार त्रिपाठी को प्रतिनियुक्ति के लिए दिल्ली बुलाया था। ये सभी अधिकारी उस वक्त प्रभारी थे, जब नड्डा के काफिले पर गत बृहस्पतिवार को हमला हुआ था।
सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर बुला सकती है। इन अधिकारियों को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। क्योंकि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का कैडर कार्मिक विभाग और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आता है, ऐसे में राज्य सरकार का इन पर कोई जोर नहीं चलता।