दुबई में गुरुवार को हुए बस हादसे में मरने वाले कुल 12 भारतीयों में से 11 लोगों के शव रविवार को भारत भेज दिए गए। वहीं मरने वालों में से एक 22 वर्षीय युवती रोशनी मूलचंदानी का अंतिम संसकार शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के जेबेल अली अंत्येष्टि स्थल पर पूरा किया गया। हादसे में मरने वालों में रोशनी सबसे कम उम्र की थीं। मूलचंदानी के परिवार की मदद कर रहे एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही 22 वर्षीय मृतका का परिवार भारत से आया, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया।
शवों को वापस भेजने की सभी औपचारिकताएं पूरी करने की जिम्मेदारी उड़ान प्रबंधन की थी। खाड़ी देशों के एक मीडिया समूह ने प्रबंधन अधिकारी के हवाले से बताया कि अंतिम तीन शवों को लेकर एअर इंडिया का विमान रविवार तड़के 3.39 बजे मुंबई के लिए रवाना हुआ। इन शवों को भेजे जाने के साथ ही 11 शवों को भारत भेजने का काम पूरा हो गया।
उड़ान प्रबंधन के अधिकारी ने कहा कि सभी शवों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भारत वापस भेजा गया। इससे संबंधित प्रक्रियाएं बीती रात 11.45 बजे पूरी हो गई थीं।दुबई में भारत के महावाणिज्य दूत विपुल ने वहां की मीडिया से बातचीत में कहा था कि अगर नियोक्ता खर्च नहीं देते हैं तो शवों को एअर इंडिया नि:शुल्क भारत पहुंचाएगी।
गौरतलब है कि ओमान से दुबई पहुंची एक बस गुरुवार को निषिद्ध लेन पर चले जाने के कारण एक संकेतक से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हादसे में 12 भारतीयों सहित 17 लोगों की मौत हो गई थी। बस में सवार ज्यादातर लोग ईद की छुट्टी मनाने ओमान से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे थे।