दिल्ली में आईपीएल-9 के पांच मैच पूर्व मुख्य न्यायाधीश (रिटायर) मुकुल मुदगल की निगरानी में बिना किसी बड़ी अड़चन के सम्पन्न हो गए। मौजूदा आईपीएल
के कार्यक्रम में बदलाव के चलते दिल्ली को अब 25 मई को इलिमिनेटर और 27 मई को दूसरे क्वॉलिफायर की मेजबानी भी करनी है। जस्टिस मुदगल की
निगरानी का ही असर है कि मैचों के आयोजन को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाली डीडीसीए में मौजूदा आईपीएल में फिरोजशाह कोटला ,दिल्ली के अब
तक सभी पांचों मैच सही ढंग से हो पाए।
दिल्ली में होने वाले आईपीएल मैचों की पूर्व चीफ जस्टिस मुदगल की नियुक्ति दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने की थी। दिल्ली में आईपीएल मैचों के अब तक के सफल आयोजन और इसके लिए हुए प्रयासों की बाबत ‘अमर उजाला’ ने मुदगल से शनिवार को बातचीत की ।
मुदगल ने कहा, ‘अदालत के आदेश से दिल्ली में आईपीएल-9 के मैच मेरी निगरानी में हुए। डीडीसीए कीविगत में आलोचना होती रही है। मैंने हालांकि डीडीसीए में चीजों को व्यवस्थित करने की कोशिश की है। डीडीसीए में अच्छे लोग भी हैं। डीडीसीए के कामकाज में इन अच्छे लोगों को तवज्जो और बढ़ावा दिया जाना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘आईपीएल 9 के कार्यक्रम में बदलाव के चलते अब दिल्ली में 25 मई को इलिमिनेटर और 27 मई को दूसरे क्वॉलिफायर की मेजबानी करनी है दिल्ली में आईपीएल के इन दोनों मैचों के बाद अदालत ने मुझे इन मैचों की देखरेख की जो जिम्मेदारी सौंपी थी वह खत्म हो जाएगी। मैं अदालत को जुलाई के दूसरे हफ्ते तक अपनी रिपोर्ट सौंप दूंगा।’
रिटायर पूर्व जस्टिस मुदगल कहते हैं, ‘आईपीएल में मैचों में प्रबंधन की 90 फीसदी जिम्मेदारी जीएमआर की थी। मैंने अब तक दिल्ली में हुए आईपीएल मैचों के दौरान डीडीसीए के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि देश के लिए खेल चुके दिल्ली के पूर्व क्रिकेटरों को विशेष कंपलीमेंटरी पास मिले। मैंने दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट, अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट खेल चुके क्रिकेटरों को आईपीएल मैचों के लिए कंपलीमेंटरी पास दिलाने की पूरी व्यवस्था की ।’