भारतीय सेना की ओर से पीओके में आतंकियों के ठिकाने पर सर्जिकल स्ट्राइक के एक दिन बाद गृहमंत्रालय ने आतंकियों के बदले की कार्रवाई को नाकाम करने के लिए देशभर में हाई लेवल चौकसी बरतने का आदेश दिया। मंत्रालय ने इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर एडवायजरी जारी की है। सरकार ने इसके साथ ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन होने पर पूरी ताकत का इस्तेमाल करने को कहा है।
#FLASH Ceasefire violation by Pakistan in Pallanwala sector of Akhnoor (J&K) started around 4 am, firing still going on.
— ANI (@ANI_news) October 1, 2016
इस बीच जम्मू कश्मीर के अखनूर सेक्टर के पल्लनवाला में पाकिस्तान की ओर से सीजफायर का उल्लंघन हुआ है। सीमा पर शनिवार को तड़के 4 बजे से फायरिंग चल रही है।
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है। इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अगले 10-15 दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। अक्टूबर के आखिर तक हाई लेवल की चौकसी जरूरी है। त्यौहारी समय होने के कारण यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। सीमा से लगे राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान और पंजाब के साथ मेट्रो में भी एडवायजरी के जरिए चौकसी बरतने को कहा गया है। तटीय सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है।'
अधिकारी ने कहा कि उड़ी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की ओर से जवाबी हमले की आशंका है। उन्होंने कहा कि हमारे आकलन के मुताबिक इस साल 85 से 90 आतंकियों ने घुसपैठ की है। यह एक बड़ी चुनौती है।
हाई लेवल की चौकसी बरतने का आदेश
शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने एक घंटे की बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, गृह सचिव राजीव महर्षि भी शामिल हुए। बैठक में गृहमंत्री को पाकिस्तान की ओर से बीएसएफ पोस्ट या नागरिकों को निशाना बनाए जाने की स्थिति में जवाबी कार्रवाई के बारे में बताया गया।
राजनाथ सिंह ने आतंकियों की किसी भी हरकत को नाकाम करने के लिए अधिकारियों से हाई लेवल की चौकसी बरतने को कहा। इसके अलावा एक अन्य बैठक में उन्होंने भारत-चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की।
अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ ने अपनी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है और साथ ही स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सीमावर्ती गांवों को खाली कराने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि 190 किलोमीटर लंबी जम्मू सीमा पर तैनात 15 बटालियनों के अलावा दो और बटालियन भेजी गई हैं।
उड़ी हमले के 10 दिन बाद सर्जिकल स्ट्राइक
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गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'सेनाओं को तैनात रहने के साथ 'वेट और वॉच' के लिए बोला गया है। हम हमलावर नहीं हो सकते, लेकिन अगर पाकिस्तान सीमा पर उकसाने के लिए फायरिंग करता है, तो बीएसएफ मुंहतोड़ जवाब देगी जैसे 2014 में दिया था।'
अधिकारी का जवाब एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच 12 घंटे चली फायरिंग की ओर इशारा कर रहा था। इस फायरिंग में 11 लोग मारे गए थे, जबकि सेना ने सीमा के पार 50 लोगों को मारने का दावा किया था।
गुरुवार को भारत ने पीओके में आतंकियों के सात ठिकानों पर सर्जिकल स्टाइक किया था। आर्मी ने आतंकियों को बड़ा नुकसान पहुंचाने का दावा किया था। आर्मी की यह स्ट्राइक उड़ी हमले के 10 दिन बाद अंजाम दी गई। उड़ी हमले में भारतीय सेना के 18 जवान शहीद हो गए, जबकि दो घायल जवानों ने अस्पताल में दम तोड़ा।