Maharashtra: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को मराठा नेताओं से मुलाकात की। इन नेताओं ने पवार से मराठा आरक्षण पर रुख स्पष्ट करने को कहा। वहीं, आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने एक बार फिर उप मुख्यमंत्री फडणवीस पर निशाना साधा है।
एक मराठा संगठन के सदस्यों ने सोमवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के प्रमुख से उनके आवास पर मुलाकात की और उनसे आरक्षण के मुद्दे पर अपने रुख स्पष्ट करने को कहा। इससे एक दिन पहले सोलापुर में प्रदर्शनकारियों ने शरद पवार की कार रोकी थी और रैली के दौरान नारेबाजी की थी।
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मराठा समुदाय को बांटने का सपना देख रहे फडणवीस: जरांगे
मराठा क्रांति ठोक मोर्चा के नेता रमेश केरे पाटिल और शरद पवार की बीच हुई बैठक पर आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अन्य नेता मराठा समुदाय में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने शरद पवार और केरे पाटिल की मुलाकात को मराठों को बांटने का एक जाल बताया। जरांगे ने पुणे में पत्रकारों से कहा, फडणवीस मराठा समुदाय में दरार पैदा करने का सपना देख रहे हैं। लेकिन उनका ये सपना कभी हकीकत नहीं बनेगा। जरांगे ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता प्रवीण दारेकर और फडणवीस आरक्षण के मुद्दे पर मराठों को बंटे हुए समुदाय के रूप में पेश करने का प्रयास कर रहे हैं।
सामाजिक तानाबाना बना रहे, समुदायों में कड़वाहट न हो: शरद पवार
मराठा आंदोलनकारियों ने रविवार को सोलापुर जिले में शरद पवार के वाहन को रोका और बाद में बरशी शहर में रैली में नारे लगाए और काले झंडे दिखाए। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में मराठों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों ने शरद पवार से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा। पवार ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मराठाओं और ओबीसी समुदाय के बीच आरक्षण विवाद पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। अपने आवास पर केरे पाटिल से मुलाकात के बाद पवार ने पत्रकारों से कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए कि राज्य का सामाजित तानाबाना अच्छा बना रहे और समुदायों के बीच कड़वाहट न हो।
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जरांगे ने दी चुनाव में उम्मीदवार उतारने की चेतावनी
इस बीच, जरांगे ने इस बात को दोहराया कि अगर सरकार मराठा समुदाय को आरक्षण प्रदान करने में विफल रहती है तो आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मराठा समुदाय से 288 उम्मीदवार उतारे जाएंगे। उन्होंने कहा, मैं 29 अगस्त अंतिम फैसला लूंगा। जरांगे सभी कुनबी (कृषकों) और उनके 'सेज सयरे'(रक्त संबंधियों) को मराठा के रूप में मान्यता देने के लिए ओबीसी प्रमाण पत्र की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।