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महाराष्ट्र: नवाब मलिक के इस्तीफे को लेकर 18 दिनों से भाजपा विधायकों का धरना जारी, छिन सकते हैं विभाग 

Mon, 21 Mar 2022 01:23 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

शिवसेना नवाब मलिक से इस्तीफा लेने के मूड में नहीं दिख रही है, लेकिन उनसे मंत्रालय छीना जा सकता है। 
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नवाब मलिक के खिलाफ प्रदर्शन करते भाजपा विधायक - फोटो : ANI
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विस्तार
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अंडरवर्ल्ड कनेक्शन व मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे एनसीपी नेता नवाब मलिक के खिलाफ भाजपा विधायकों का प्रदर्शन जारी है। बीते चार मार्च से भाजपा विधायक महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर धरना दे रहे हैं और मलिक के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। हालांकि, शिवसेना नवाब मलिक से इस्तीफा लेने के मूड में नहीं दिख रही है, लेकिन उनसे मंत्रालय छीना जा सकता है। 

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नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 4 अप्रैल तक बढ़ी
अंडरवर्ल्ड कनेक्शन और मनीलांड्रिंग के मामले में गिरफ्तार महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक की न्यायिक हिरासत 4 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। हालांकि अदालत ने उन्हें जेल में बिस्तर, गद्दा और कुर्सी की मांग को स्वीकार कर लिया है। इसलिए एनसीपी प्रवक्ता मलिक न्यायिक हिरासत के दौरान गद्दे पर तो सो सकेंगे, लेकिन घर का खाना नहीं खा सकेंगे। नवाब मलिक की 14 दिन की न्यायिक हिरासत सोमवार को खत्म हो रही थी। इसलिए उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया था। 

मलिक के वकील ने जेल में उनके लिए बस्तर और कुर्सियों को लेकर आवेदन किया था जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। लेकिन घर के खाने की याचिका स्वीकार नहीं की। दरअसल, उनके वकील ने कोर्ट से कहा था कि मलिक की पीठ में दर्द है लिहाजा उन्हें सोने के लिए बिस्तर दिए जाएं। इसके साथ ही मलिक के लिए घर के खाने की मांग की गई थी। अदालत से दरख्वास्त की गई थी कि जेल में बनने वाले खाने में नमक ज्यादा होता है। इसलिए मलिक को घर का खाना खाने देने की अनुमति दी जाए। 
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23 फरवरी को हुई थी गिरफ्तारी
62 साल के नवाब मलिक को 23 फरवरी को ईडी ने गिरफ्तार किया था। उन पर दाउद इब्राहिम की प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है। वह अभी न्यायिक हिरासत में जेल में है। मलिक राकांपा की मुंबई इकाई के प्रमुख भी हैं। वह परभणी व गोंदिया जिलों के प्रभारी मंत्री भी हैं। उनकी जमानत अर्जी हाल ही में निरस्त हो चुकी है।

अस्थाई तौर पर लिया जाएगा विभाग  
राज्य के जल संसाधन मंत्री व महाराष्ट्र राकांपा अध्यक्ष जयंत पाटिल का कहना है कि, नवाब मलिक के विभाग अस्थाई तौर पर किसी और को दिए जा सकते हैं। हालांकि, इस बारे में सीएम उद्धव ठाकरे अंतिम निर्णय लेंगे। दरअसल, गुरुवार को राकांपा प्रमुख शरद पवार ने पार्टी के नेता नवाब मलिक मामले से जुड़े पहलुओं पर विचार के लिए बैठक बुलाई थी। इसके बाद जयंत पाटिल ने यह बात कही। 

पवार के घर पर हुई बैठक के बाद पाटिल ने मीडिया से कहा था कि पार्टी मलिक से इस्तीफा नहीं मांगेगी, क्योंकि उन्हें गलत ढंग से गिरफ्तार किया गया है। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मंत्री छगन भुजबल व दिलीप वलसे पाटिल, पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे आदि शामिल हुए थे। 

शिवसेना सांसद बोले महाराष्ट्र में ठाकरे नहीं, पवार सरकार
इधर, महाराष्ट्र की महा विकास आघाड़ी सरकार पर शिवसेना के ही सांसद गजानन कीर्तिकर ने तंज करते हुए कहा, महाराष्ट्र में कहने भर को ठाकरे सरकार है, लेकिन वास्तव में यहां पवार सरकार है। ग्रामीण क्षेत्रों के विधायकों को पर्याप्त विकास निधि नहीं मिलने को लेकर शिवसेना सांसद ने यह बात कही। उत्तर-पश्चिम मुंबई से शिवसेना सांसद कीर्तिकर ने कहा, मुंबई में हमारे पास सीएम फंड, नगर विकास निधि सहित कई फंड होते हैं।

लेकिन ग्रामीण इलाकों के जनप्रतिनिधियों के पास उतनी मात्रा में विकास निधि नहीं होती। उन्होंने कहा, हम कहते हैं कि यह उद्धव ठाकरे सरकार है, लेकिन असल में यह शरद पवार सरकार है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) इसका पूरा लाभ ले रही है। हाल ही में नेता विपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान कहा था कि 53 प्रतिशत विकास निधि अकेले एनसीपी ले लेती है।

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