फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीबीएसई: डीएवी शिक्षक ने ही किया था ऊना से गणित का पेपर लीक

Fri, 13 Apr 2018 03:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
cbse paper leak
विज्ञापन
एसआईटी ने दसवीं कक्षा के गणित के पेपर लीक होने की गुत्थी को सुलझा लिया है। पूर्व में गिरफ्तार डीएवी स्कूल, ऊना के शिक्षक राकेश ने ही गणित का पेपर भी लीक करवाया था। पुलिस ने मामले में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ऊना के ब्रांच मैनेजर शेरूराम (35), हेड कैशियर ओम प्रकाश (58) व राकेश की रिश्ते की भाभी मंजू बाला (बदला हुआ नाम) को भी गिरफ्तार किया है। राकेश ने दोनों बैंक कर्मियों की मौजूदगी में ही बैंक के स्ट्रांग रूम से पेपर निकाला था। बाद में पेपर फिरोजपुर-पंजाब निवासी  रिश्ते की भाभी मंजू को व्हाट्सऐप कर दिया। वहां से मैथ्स का पेपर पंचकूला और दिल्ली के पश्चिम विहार पहुंचा।    
विज्ञापन

    
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि एसआईटी ने शनिवार को 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स पेपर लीक होने के मामले में डीएवी स्कूल, ऊना के शिक्षक राकेश, जवाहर नवोदय स्कूल के क्लर्क अमित और चपरासी अशोक को गिरफ्तार किया था। रिमांड पर पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी राकेश ने खुलासा किया 10वीं कक्षा का पेपर भी उसने ही लीक करवाया था।      

23 मार्च को वह कंप्यूटर का पेपर लेने यूनियन बैंक गया था। इसी दौरान उसने ब्रांच मैनेजर शेरूराम और हेड कैशियर ओमप्रकाश की मौजूदगी में इकोनॉमिक्स और मैथ्स के पेपर के बंडल भी निकाले थे। 12वीं का पेपर आरोपी ने अमित व अशोक को सौंप दिया था। जबकि 10वीं कक्षा के पेपर का बंडल उसने अपने पास रखा। बाद में उसे भी लीक करा दिया। चूंकि ब्रांच मैनेजर शेरूराम व मुख्य कैशियर ओमप्रकाश सीबीएसई की गाइड लाइंस के अनुसार पेपर के कस्टोडियन थे, इसलिए दोनों भी अपराध में बराबर के साझेदार थे। पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोनों को ऊना से गिरफ्तार कर लिया। वहीं मंजू को फिरोजपुर से गिरफ्तार किया गया।       
विज्ञापन

    
परीक्षा के पांच दिन पहले हो गया था गणित का पेपर लीक

राकेश ने बताया है कि गणित का पेपर होने से पांच दिन पूर्व 23 मार्च को उसने पेपर बैंक के स्ट्रांग रूम से निकाल लिया था। पेपर को  उसने अपनी कार में रख दिया। पेपर की सील खोलकर मोबाइल से फोटो खींचे। इसके बाद एक छात्र (जिसे वह ट्यूशन पढ़ता था) को घर बुलाकर पेपर को कॉपी कराया।  छात्र की हेंड राइटिंग में लिखवाकर उसे व्हाट्सऐप पर सर्कुलेट कर दिया ।       
    
भाभी ने दिया था राकेश को प्रिंसिपल बनवाने का झांसा

 राकेश को पीजीटी कॉमर्स टीचर का नौ साल का अनुभव था। 10 साल अनुभव के बाद वह प्रिंसिपल बनने के लिए आवेदन कर सकता था।  उसकी फिरोजपुर में रहने वाली रिश्ते की भाभी मंजू ने उसे झांसा दिया कि उसकी पहचान मैनेजमेंट में है। वह उसे आसानी से प्रिंसिपल बनवा देगी। उससे प्रभावित होकर राकेश ने पहले मंजू को 12वीं का पेपर व्हाट्सऐप किया। बाद में 10वीं का पेपर भी उसे व्हाट्सऐप कर दिया।       
   
मंजू के जरिए पंचकूला और दिल्ली पहुंचा गणित का पेपर

 आरोपी ने भाभी मंजू को छात्र की हैंडराइटिंग में पेपर फिरोजपुर भेजा था। मंजू ने आगे पेपर अपनी बहन मीना (बदला हुआ नाम) को पंचकूला भेज दिया। मीना ने पेपर अपनी एक जानकार के पास पश्चिम विहार दिल्ली में भेज दिया। वहां से धीरे-धीरे पेपर बंटता चला गया। इसकेे बाद कई व्हाट्सऐप ग्रुप पर पेपर वायरल हो गया।       
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें