डार्क वेब पर भारत के स्वास्थ्य कर्मचारियों का डाटा, उनकी व्यक्तिगत जानकारी और फोन नंबर पहले से प्रसारित हो रहे हैं। माना जा रहा है कि इस डाटा का इस्तेमाल कोविन वेबसाइट पर हमला करने में किया जा सकता है, क्योंकि इनमें से कई स्वास्थ्य कर्मचारियों का डाटा कोविन पर पंजीकृत भी हो सकता है।
सोमवार देर शाम सिंगापुर स्थित साइबर खुफिया कंपनी क्लाउडसेक ने रिपोर्ट जारी की, जिसमें दावा किया कि डार्क वेब पर स्वास्थ्य कर्मचारियों की निजी जानकारी तक मौजूद है। हैकर्स के पास कई क्रेडेंशियल्स तक पहुंच है जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से संबंधित हैं। इसका उपयोग वह कोविन पोर्टल तक पहुंचने के लिए कर सकता है लेकिन अभी तक उसे पूरी कामयाबी नहीं मिली है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि डार्क वेब पर मौजूद डाटा अभी का नहीं है। 13 मार्च 2022 को रूसी साइबर क्राइम फोरम पर हैकर्स ने दावा किया कि उन्होंने कोविन वेबसाइट के एक्सेस को प्रभावित किया है। सबूत के तौर पर हैकर्स ने एक स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें कोविन वेबसाइट पर तमिलनाडु क्षेत्र का हिस्सा दिख रहा था।
कोविन पोर्टल सुरक्षित, नहीं हुआ डाटा चोरी : केंद्र...नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कहा कि कोविन पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है। पोर्टल से कोरोना टीकाकरण के लाभार्थियों के आंकड़े चोरी होने की खबरें आधारहीन है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि प्लेटफॉर्म पर आंकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इसके बावजूद मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा के लिए देश की नोडल एजेंसी भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम से इस मामले की पड़ताल करने और एक रिपोर्ट देने को कहा है।