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दार्जिलिंग हिंसा: तीन प्रदर्शनकारियों की मौत,कमांडेंट शहीद, 36 पुलिसकर्मी घायल

Sat, 17 Jun 2017 09:42 PM IST
amarujala.com- Presented: अरविंद कुमार
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दार्जिलिंग में सरकार और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) की ओर से राज्य की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर अब भारतीय गृहमंत्री ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। दार्जिलिंग के हालातों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। बीते दो दिनों में उन्होंने ममता से दोबार फोन पर बात की है। सूत्र बताते हैं कि दार्जिलिंग की स्थिति बिगडने पर राजनाथ ने शनिवार को गृहसचिव से तत्काल बात कर उनसे स्थिति का ब्यौरा मांगा। उसके बाद देर शाम उन्होंने ममता से भी मामले में बात की। 
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Union Home Minister Rajnath Singh speaks to Chief Minister of West Bengal Mamata Banerjee, over #Darjeeling law and order situation. pic.twitter.com/vrLcDtQz7o — ANI (@ANI_news) June 17, 2017


इससे पहले  ऐसे में एडीजी का ताजा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था पर काबू पाने के लिए गैर घातक गोला बारूद और आसूं गैस के गोलों का इस्तेमाल किया है। आगे कहा कि स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किये जा रहे हैं। 
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The police fired non-lethal ammunition & tear gas shells ;looking into situation to mk necessary security arrangements: ADG Ops #Darjeeling pic.twitter.com/CYpdyDXnoS — ANI (@ANI_news) June 17, 2017

 
एडीजी, ऑपरेशन, ने इस बात की पुष्टि की है कि आज दार्जिलिंग में चल रही झड़प में 36 पुलिसकर्मी घायल हुए जिनमें से 20 अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं, 5  पुलिसकर्मियों को गोलीबारी से गंभीर चोंटे आई है और 2 घातक हथियार से गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।   36 policemen injured today, out of which 20 in hospital, 5 received gunshot injuries & 2 injured by sharp weapon: ADG Operations #Darjeeling pic.twitter.com/tSPezQcDQW — ANI (@ANI_news) June 17, 2017


ऐसे में हिंसा को बढ़ते देख पश्चिम बंगाल के भूटान बॉर्डर को सील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने जीजेएम के मीडिया सलाहकार बिक्रम राय को भी गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि बिक्रम विधायक अमल राय के बेटे हैं। 

 हिंसक हुए गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ( जीजेएम) के प्रदर्शन में जीजेएम के दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। वहीं सुरक्षा बल के एक सहायक कमांडेंट पर प्रदर्शनकारियों ने खुखरी से हमला किया जिसमें वे शहीद हो गए।

उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पूरे मामले को लेकर दार्जीलिंग देव बोर्ड्स के सदस्यों, एडीजी (कानून-व्यवस्था), डीजी बंगाल पुलिस, चीफ सेक्रटरी, गृह सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।

ममता ने खासी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी सुरक्षाबलों के साथ मारपीट कर रहे हैं। पत्रकारों को ब्लैकमेल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन को लेकर दार्जिलिंग के कई अलग-अलग इलाकों में देशी-विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं।उन्होंने कहा इससे पूरे प्रकरण से देश की बदनामी हो रही है।

ममता ने सवाल किया कि प्रदर्शनकारियों के पास इतने कम समय में हथियारों के लिए पैसे कहां से आए। उन्होंने कहा कि सरकार उनसे बात करने के लिए तैयार है लेकिन संविधान के उल्‍लंघन का समर्थन नहीं करते हैं।

सीएम ममता ने प्रदर्शनकारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि पांच साल आपने सत्ता सुख का आनंद लिया और अब जब चुनाव आने वाले है तो हिंसा पर उतर आए हैं। ममता ने कहा कि आपने जनता का भरोसा खो दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदशर्नकारी कोर्ट की आदेश को भी अनदेखा कर रहे हैं, कोर्ट ने बंद को अवैध बताया लेकिन प्रदर्शनकारियों को पता नहीं कहां से और कौन लोग समर्थन कर रहे हैं।

सीएम ममता बनर्जी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सहायक कमांडेंट टीएम तमांग पर खुखरी से हमला किया गया जिसके बाद उनकी मौत हो गई। सीएम ने कहा कि यह बहुत‌ दुख की बात है। They aren't listening to the court also,court passed order saying bandh is illegal. Dont know from where they get support: WB CM #Darjeeling pic.twitter.com/57CgAlcuxn — ANI (@ANI_news) June 17, 2017


ममता ने कहा यह बहुत बड़ी साजिश है क्यों कि एक दिन में इतनी भारी संख्या में हथियार नहीं आ सकते हैं।  पानी की सप्लाई लाइन को नुकसान पहुंचा है, राशन की सप्लाई रोकी गई है। राशन नहीं पहुंचेगा तो लोग खाएंगे क्या?  Where did they get illegal arms & money from? Ready to talk to them, we cannot support violation of the Constitution: WB CM #Darjeeling pic.twitter.com/e6HqtQaR7J — ANI (@ANI_news) June 17, 2017 गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ( जीजेएम) के प्रमुख ने आरोप लगाया कि पुलिस अवैध तरीके से समर्थकों के घर में घुसी और उन्हें प्रताड़ित किया गया। उनके मुताबिक पुलिस कार्रवाई में दो लोगों की मौत हो गई। जीजेएम प्रमुख ने कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से उनका आंदोलन और उग्र होगा। Police illegally entering supporters houses&torturing them,2 of them killed by police;will strengthen our movement now:GJM Chief #Darjeeling pic.twitter.com/PkjF3aOPn7 — ANI (@ANI_news) June 17, 2017


वहीं पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में नारी मोर्चा की ओर से गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ( जीजेएम) के सहायक जनरल बिनय तमांग के आवास पर पार्टी ऑफिस में रेड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। विरोध प्रदर्शन उग्र होने पर सेना ने उनसे निपटने के लिए प्रदर्शकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। 
 एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि जीजेएम के समर्थकों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू की और पुलिस वाहनों को आग लगा दिया। इस दौरान 1 जीजेएम समर्थक की फायरिंग में मौत भी हुई है। वहीं विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा बलों ने रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया।

 गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ( जीजेएम) की ओर से राज्य की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बंदी लगातार जारी है। बंदी के कारण रास्ते में हजारों पर्यटक फंसे हैं, जिन्हें कहीं आने- जाने में बहुत परेशानी हो रही है। साथ ही खाने- पीने के लाले पड़ रहे हैं।  West Bengal: Shutdown called by Gorkha Janmukti Morcha continues in #Darjeeling; many tourists stranded. pic.twitter.com/mKBpeUz4wj — ANI (@ANI_news) June 17, 2017
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(जीजेएम) नेता ने ममता पर साधा निशाना

गौरतलब है कि शुक्रवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) नेता बिमल गुरुंग ने ममता पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पुलिस प्रशासन ने ममता बनर्जी के आदेश पर मेरे घर और ऑफिस में अवैध तरीके से छापा मारा है। उन्होंने आगे कहा था कि इस तरीके के रवैये से लोकतंत्र खतरे में है। 

गुरुंग ने कहा था कि हमारी पार्टी के सदस्य और विपक्षी पार्टियां इस क्रूरता पूर्ण रवैये का उत्तर देंगे। पश्चिम बंगाल सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जीजेएम पार्टी के सिंगमारी कार्यालय सहित दार्जिलिंग के कई स्थानों पर सेना की तैनाती कर दी थी। 

बताते चलें कि पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में पुलिस ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) दल पर लगातार शिकंजा कसने की कोशिश की है। पुलिस ने जीजेएम के प्रमुख बिमल गुरुंग के दार्जिलिंग में स्थित ऑफिस पर छापेमारी की है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक पुलिस ने ऑफिस से हथियार और पैसे बरामद किए हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समर्थक इस छापेमारी से इस कदर नाराज हो गए हैं कि वे बेकाबू हो गए हैं और थाने को भी आग के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने जीजेएम के ऑफिस को सील कर दिया है और हालात पर काबू पाने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।

इससे पहले दार्जिलिंग में अनिश्चितकालीन बंद के दौरान जीजेएम समर्थकों ने कई जगह पुलिस वालों पर पथराव किया था। आंदोलनकारियों ने सरकारी दफ्तरों को बंद कराने का प्रयास किया। उग्र प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बांग्ला भाषा के साथ-साथ अब अलग गोरखालैंड की मांग के समर्थन में जीजेएम ने बंद की अपील की है। अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थक सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराते देखे गए। सोमवार को कई सरकारी दफ्तरों में आग लगाने की घटना को देखते हुए तमाम दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई। बता दें कि जीजेएम राज्य में सीएम ममता बनर्जी की ओर से  बांग्ला भाषा को अनिवार्य करने के आदेश के बाद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 
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