पश्चिम बंगाल के पर्वतीय शहर दार्जिलिंग में गुरुवार को स्कूलों में बांग्ला भाषा को कथित रूप से थोपे जाने का विरोध कर रहे गोरखा जनमुक्ति (जीजेएम) मोर्चा के समर्थक पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने पुलिस वालों पर पथराव किया और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। चौंका देने वाली बात है कि इस भिड़ंत के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शहर में ही मौजूद थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक दार्जिलिंग में ही आयोजित की गई। कोई 45 साल कैबिनेट की बैठक यहां आयोजित हुई। इस बैठक के सिलसिले में पूरी कैबिनेट के अलावा मुख्य सचिव, गृह सचिव और सरकार के तमाम आला अधिकारी शहर में ही मौजूद थे। स्कूलों में बांग्ला की पढ़ाई अनिवार्य करने का विरोध कर रहे मोर्चा समर्थकों ने जुलूस की शक्ल में उस जगह जाने का प्रयास किया जहां कैबिनेट की बैठक चल रही थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोर्चा समर्थकों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया और पुलिसवालों पर पत्थर फेंके। इससे कई पुलिस वाले घायल हो गए। मोर्चा समर्थकों ने पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ भी की। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोडे़।
मोर्चा समर्थकों ने शहर में धरना दिया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ नारे लगाए। मोर्चा की रैली और पुलिस के साथ उसके टकराव की वजह से मशहूर माल इलाके के अलावा कई इलाकों में दुकानें बंद हो गईं। ट्रैफिक व्यवस्था गड़बड़ाने की वजह से पर्यटकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा।