एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने अफगानिस्तान में पुलित्जर पुरस्कार विजेता फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
दानिश पाकिस्तान से सटी सीमा पर अफगानिस्तान में अफगान सुरक्षा बलों और तालिबान के बीच संघर्ष की कवरेज कर रहे थे। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा, दानिश का निधन पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति है।
दानिश ने पिछले एक दशक के दौरान दक्षिण एशिया व आसपास के कई क्षेत्रों में संघर्ष और मानवीय संकट की कई दिल को दहला देने वाली घटनाओं को कवर किया था।
मसलन रोहिंग्या शरणार्थी संकट, नेपाल भूकंप इराक में युद्ध, श्रीलंका में ईस्टर विस्फोट, 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे और हाल ही में कोरोना महामारी के कारण हुई विनाशकारी मानव त्रासदी की कवरेज प्रमुख हैं। दानिश रोहिंग्या संकट का दस्तावेजीकरण करने के लिए 2018 में पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाली रॉयटर्स टीम का हिस्सा थे।
पिछले कुछ हफ्तों से दानिश को कंधार में अफगान विशेष बलों के साथ एक पत्रकार के रूप में शामिल किया गया था और वह अफगान बलों और तालिबान के बीच चल रहे संघर्ष पर रिपोर्टिंग कर रहे थे।
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की अध्यक्ष सीमा मुस्तफा व महासचिव संजय कपूर ने कहा, दानिश की मौत उन खतरों की एक याद दिलाती है जो पत्रकार रिपोर्टिंग के दौरान उठाते हैं।
उन्होंने कहा कि गिल्ड सोशल मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा उनके खिलाफ चलाए जा रहे शातिर और बेहद खेदजनक अभियान से बहुत परेशान है। उनकी मृत्यु उन्हें और उन सभी पत्रकारों को याद करने का अवसर है जो संघर्ष की रिपोर्टिंग में मारे गए हैं।