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BJP vs Congress: निशिकांत दुबे-दिनेश शर्मा के बयान पर सियासत, कांग्रेस बोली- नड्डा की सफाई सिर्फ डैमेज कंट्रोल

Sun, 20 Apr 2025 12:24 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा सांसदों के द्वारा सुप्रीम कोर्ट को लेकर गई टिप्पणी मामले में आरोप-प्रत्यारोप अपने चरम पर है। कांग्रेस ने सांसद निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा के बयान को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। साथ ही पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान को केवल 'डैमज कंट्रोल' बताया है। 
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कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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रविवार को कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की विवादित टिप्पणियों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। साथ ही कांग्रेस ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप भी लगाते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी. नड्डा का इन बयानों से खुद को अलग करना सिर्फ़ क्षति नियंत्रण है, जबकि असल सवाल यह है कि दोनों सांसदों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

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बता दें कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर कानून सुप्रीम कोर्ट को ही बनाना है तो संसद और विधानसभाएं बंद कर दी जाएं। उन्होंने सीजेआई संजीव खन्ना पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे देश में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा कर रहे हैं। वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा था कि कोई भी संसद और राष्ट्रपति को आदेश नहीं दे सकता।

भाजपा पर जयराम रमेश ने लगाए आरोप
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सुप्रीम कोर्ट और भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) पर भाजपा सांसदों की अमानवीय टिप्पणियों के बाद नड्डा का स्पष्टीकरण कोई मायने नहीं रखता।
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साथ ही रमेश ने आरोप लगाया कि ये सांसद नफरत फैलाने वाले भाषणों में बार-बार पकड़े जाते हैं और भाजपा नेतृत्व (जी2) जानबूझकर इन्हें संस्थानों और व्यक्तियों को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल करता है। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा ने इन सांसदों को कारण बताओ नोटिस भेजा है और क्या प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी इन बयानों पर मौन समर्थन नहीं मानी जाए?

कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल
जयराम रमेश ने दो टूक कहा कि भाजपा सांसदों की बार-बार की गई ऐसी टिप्पणियां लोकतंत्र और संविधान पर हमला हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या भाजपा इन टिप्पणियों से पूरी तरह असहमत है, तो दोनों सांसदों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?

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बयान से भाजपा ने झाड़ा पल्ला
वहीं मामले में बढ़ते गर्माहट को देखते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को बयान जारी कर कहा था कि सांसद निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा की टिप्पणियां व्यक्तिगत हैं और पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा न्यायपालिका का सम्मान करती है और कभी भी ऐसी टिप्पणियों का समर्थन नहीं करती। नड्डा ने पार्टी नेताओं को भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों से बचने का निर्देश भी दिया।

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केसी वेणुगोपाल ने भी की सख्त कार्रवाई की मांग
साथ इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे न्यायपालिका का सीधा अपमान और संविधान का उल्लंघन बताया। वेणुगोपाल ने कहा कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा, “जब कोई सांसद देश के मुख्य न्यायाधीश पर गंभीर आरोप लगाता है, तो यह एक गंभीर और सीधा हमला होता है। संसद अध्यक्ष और न्यायालय को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ये लोग न्यायपालिका को डराने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

झामुमो नेता ने भी दी प्रतिक्रिया
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने भी दुबे की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “देश में तानाशाही इस हद तक बढ़ गई है कि अब सांसद खुद अदालतों को चुनौती देने लगे हैं। जब फैसले उनके पक्ष में होते हैं तो वे न्यायपालिका की तारीफ करते हैं, और जब नहीं होते, तो उस पर हमला करते हैं। क्या अब वे न्यायाधीशों से भी ज्यादा ज्ञानी हो गए हैं?

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