केसी वेणुगोपाल ने भी की सख्त कार्रवाई की मांग
साथ इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे न्यायपालिका का सीधा अपमान और संविधान का उल्लंघन बताया। वेणुगोपाल ने कहा कि यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा, “जब कोई सांसद देश के मुख्य न्यायाधीश पर गंभीर आरोप लगाता है, तो यह एक गंभीर और सीधा हमला होता है। संसद अध्यक्ष और न्यायालय को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ये लोग न्यायपालिका को डराने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
झामुमो नेता ने भी दी प्रतिक्रिया
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने भी दुबे की टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “देश में तानाशाही इस हद तक बढ़ गई है कि अब सांसद खुद अदालतों को चुनौती देने लगे हैं। जब फैसले उनके पक्ष में होते हैं तो वे न्यायपालिका की तारीफ करते हैं, और जब नहीं होते, तो उस पर हमला करते हैं। क्या अब वे न्यायाधीशों से भी ज्यादा ज्ञानी हो गए हैं?