बसपा सुप्रीमो मायावती ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि वह दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर संसद में बयान दें। संसद के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान यूपी की पूर्व सीएम ने दलितों को लेकर दिए गए पीएम के हालिया बयान को महज ‘डैमेज कंट्रोल’ संबंधी कवायद करार दिया।
मायावती ने दावा किया कि यूपी विधानसभा चुनाव समेत कई राज्यों में होने वाले चुनाव से पहले रोहित वेमुला प्रकरण और ऊना में पिटाई मामले समेत दलित उत्पीड़न की अन्य घटनाओं ने दलितों के संबंध में भाजपा की छवि को प्रभावित किया है।
यह भी जोड़ा कि, ‘हमारी पार्टी चाहती है कि दलितों के प्रति केवल सहानुभूति जताने के बजाय प्रधानमंत्री उन लोगों के प्रति कार्रवाई करने के प्रति ध्यान केंद्रित करें, जो दलितों पर अत्याचार करते हैं।’