थाना मटसेना के गांव करछुली में दबंगों ने मजदूरी मांगने पर कुछ दबंगों ने दलितों को पीटा और गांव के बाहर लगी अंबेडकर प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके विरोध में दलित एकत्र हुए तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी। घटना में चार दलित घायल हुए हैं।
इसकी सूचना पर जिला मुख्यालय से पुलिस और पीएसी के साथ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव में डेरा डाले हुए थे।
बताया जा रहा है कि गांव के पाली, बंटू गुर्जर और रहीशपाल सिंह ने प्रताप व सुरेश दलित से अपने खेतों में आलू की खोदाई कराई थी। शुक्रवार शाम प्रताप और सुरेश मजदूरी के पैसे मांगने उनके घर गए थे। इसी दौरान पाली, बंटू और उनके अन्य परिवारीजनों ने इनके साथ गाली-गलौच की और इन्हें पीट दिया। इन्होंने इसकी जानकारी अपने घर जाकर दी।
इससे गुस्साए इनके परिवारीजन और अपनी बस्ती के लोग आरोपियों के घर पहुंचे तो उनपर भी पथराव कर दिया गया। फायरिंग भी की गई। गांव के बाहर लगी अंबेडकर प्रतिमा को भी तोड़ दिया। घटना के दौरान गांव के पास स्थित देवी मंदिर पर कुछ श्रद्धालु भजन कीर्तन कर रहे थे। जैसे ही पथराव और फायरिंग की घटना हुई, श्रद्धालु भजन कीर्तन छोड़कर भाग खड़े हुए।
अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने की सूचना पर बसपा नेता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ही पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सीओ सदर के साथ मटसेना, बसईमोहम्मदपुर और मक्खनपुर थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने किसी तरह से स्थिति को नियंत्रित किया।
दलितों ने आरोप लगाया कि वह थाना मटसेना पहुंचे लेकिन वहां पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। वह एसपी से मिलने चल दिए तो रास्ते में सीओ उन्हें मिल गए और वापस अपने साथ थाने ले गए।
पथराव के दौरान टूटी प्रतिमा
'दोनों पक्षों के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। तभी मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया था। प्रतिमा पथराव के दौरान क्षतिग्रस्त हुई है। उसको तोड़ा नहीं गया। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
-श्री भगवान, सीओ सदर