कुएं में गिरे बकरे को निकालने के प्रयास में तीन लोगों की जान चली गईं। युवकों की मौत का कारण कुएं में बनी जहरीली गैस को बताया जा रहा है। बाद में ग्रामीणों ने सबमर्सिबल पंप से कुएं में पानी डाला इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। तीन मौतों से ग्रामीणों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव नहीं उठने दिए।
थाना नारखी के गांव कुतकपुर निवासी सिंटू खान का 12 वर्षीय पुत्र अमन शुक्रवार शाम बकरी चराने गांव से बाहर गया था। बकरियां चराने के बाद वह शाम छह बजे करीब लौट रहा था तभी गांव के ही ललित के घर के सामने बने 20 फीट गहरे कुएं में उसका बकरा गिर गया। बकरे को निकालने के लिए वह घर से रस्सी ले आया और कुएं में उतर गया, लेकिन बीच में ही वह नीचे गिर पड़ा।
इसके बाद रिश्ते के भाई अब्दुल 27 वर्ष पुत्र शौकीन खां भी कुएं में उतरे लेकिन वह भी नीचे पहुंचते ही बेहोश हो गए। इससे ग्रामीणों में चीखपुकार मच गई। जानकारी होने पर गांव के ही नरसिंह उर्फ पांडेय 55 वर्ष पुत्र जानकी प्रसाद आ गए। वह भी कुएं में उतरे लेकिन वापस नहीं लौटे। ग्रामीणों ने टार्च की रोशनी से कुएं में झांककर देखा और आवाज लगाई लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला। कुएं में जहरीली गैस बनने की वजह से किसी की भी हिम्मत उसमें घुसने की नहीं हुई।
कुछ देर बाद ग्रामीणों ने कुएं में तीन सबमर्सिबल से पानी भरा। पानी करीब एक घंटे में कुएं के ऊपर तक आ गया। इसके साथ ही तीनों के शव भी पानी के साथ ऊपर आ गए। ग्रामीण उन्हें निकाल कर चिकित्सक के पास ले गए। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे ग्रामीणों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर गांव में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। एडीएम ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवारीजनों को राष्ट्रीय पारिवारिक और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।