तमिलनाडु में एक छात्र में बर्बर हमले का मामला सामने आया है, जिसमें आरोपियों की तरफ से छात्र के दोनों हाथों की चार उंगलिया काट ली गई है। मामले में पुलिस ने बताया कि हमले में तीन में से दो नाबालिग लड़के हैं। जिन्होंने पीड़ित छात्र पर अपने घर की लड़की से प्यार का इजहार करने पर हमला किया है।
तमिलनाडु के श्रीवैकुंठम में एक 17 वर्षीय दलित छात्र पर बेरहमी से हमला करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें दो नाबालिग लड़के और एक 19 वर्षीय युवक शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक ये सभी आरोपी आपस में रिश्तेदार भी हैं।
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क्या थी हमले की वजह?
मामले में पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि कबड्डी मैच को लेकर पुरानी रंजिश के कारण उनके बेटे पर यह हमला किया गया। वहीं, पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि पीड़ित ने उनके परिवार की एक लड़की से प्यार का इजहार किया था, जिससे नाराज होकर उन्होंने उस पर हमला किया गया। हमलावरों में शामिल एक नाबालिग आरोपी पीड़ित की कथित प्रेमिका का भाई था।
बर्बर हमले की पूरी दास्तां
जानकारी के मुताबिक, ये वारदात 10 मार्च की सुबह की है। पीड़ित छात्र तूतिकोरिन जिले के अरियनायकिपुरम गांव का रहने वाला है। वह पलयमकोट्टई में कक्षा 11 की परीक्षा देने के लिए बस में सवार हुआ था। जब बस केट्टियम्मलपुरम गांव, जो सवर्ण बाहुल्य इलाका है, से गुजर रही थी, तभी तीन युवकों ने बस को रोककर अंदर घुसकर छात्र से झगड़ा किया। इसके बाद में उसे बस से बाहर खींचकर दिनदहाड़े धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
आरोपियों पर क्या की गई कार्रवाई?
इस हमले में शामिल 19 वर्षीय आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं दो नाबालिगों को पलयमकोट्टई के किशोर न्याय गृह में रखा गया है। मामले में पुलिस ने हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है। वहीं आरोपियों पर एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी केस दर्ज किया गया है। दलित छात्र पर इस निर्मम हमले ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। जिसके बाद इलाके में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। वहीं पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है।