सत्ताधारी भाजपा के दलितों के घर रात्रि प्रवास अभियान के तहत जनपद प्रभारी मंत्री सुरेश राणा के गांव लोहगढ़ में रात्रि प्रवास के दौरान कैटर के खाने की गूंज मंत्री के कानों तक भी पहुंच गई। उन्होंने रात की अपनी इस भूल को तड़के ही सुधार लिया और सुबह-सुबह दूसरे दलित सुनपति सिंह के घर चाय बनवाकर पी। इसके बाद गांव से निकल गए।
दलित युवक रजनीश कुमार ने कहा कि मंत्री सुरेश राणा अचानक उसके घर रात के खाने पर आ गए। इसलिए सारा खाना और पानी बाहर से मंगाया गया था। हालांकि विधायक से लोगों ने सवाल जवाब किए तो विधायक ने मीडिया और ग्रामीणों के सवालों पर यह कहकर सफाई पेश की कि मंत्री जी का भोजन दलित सतीश के घर तय था। मगर कार्यकर्ता अधिक हो गए, इसलिए आनन-फानन उनके लिए कैटर से खाना बनवाना पड़ गया।
सोमवार रात प्रभारी मंत्री ने तयसुदा कार्यक्रम के दौरान लोहगढ़ के रात्रि प्रवास में दलित समाज के सतीश के घर पहुंचकर खाना खाया। इस दौरान यह देखने में आया कि पंचायत घर पर कैटर द्वारा बनाया गया खाना सतीश के घर पहुंचा, जिसमें प्रभारी मंत्री सहित उनके साथ मौजूद पार्टी के सभी लोग खाने में शामिल हुए।
इसके बाद वह पंचायत घर की चारपाई पर सोने चले गए। यह चर्चा गांव में आम हो गई कि खाना तो पंचायतघर से आया है और चर्चा दिन निकलने से पहले खुद प्रभारी मंत्री के कानों तक पहुंच गई। इस पर सुबह छह बजे जगते ही खुद मंत्री, खैर विधायक व पार्टी जिलाध्यक्ष के साथ दूसरे दलित सुनपति सिंह के दरवाजे पर अचानक पहुंच गए। जहां उन्होंने बनवाकर चाय पी और नमकीन, बिस्किट संग नाश्ता किया। इस दौरान ग्रामीणों से भी रूबरू हुए। समस्या निस्तारण का आश्वासन देकर मंत्री जी रवाना हो गए।
सतीश के घर शाम को ही खाना बन गया था। उसके यहां दो तीन लोगों के हिसाब से ही भोजन बना था। जब उसके घर खाने पर गए तो एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता व नेतागण साथ थे। इसलिए आनन-फानन अधिकारियों व कार्यकर्ताओं के लिए कैटर के यहां से भोजन की व्यवस्था की गई।