गुजरात की ऊना तहसील में कथित रूप से गोरक्षकों द्वारा पीटे जाने वाले दलित परिवार ने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है। पिछले साल जुलाई में मोटा समधियाला गांव के सात दलितों को मरी हुई गाय की खाल उतारने पर कथित रूप से पीटने के साथ ही गांव में घुमाया गया था।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई थी। इसके बाद चार दलित युवाओं को ऊना शहर ले जाया गया था। वहां इन लोगों को गाड़ी से बांधा गया था और कथित रूप से गोरक्षकों द्वारा पीटा गया था। दलित परिवार के एक सदस्य ने आरोप लगाया कि सरकार ने नौकरी और जमीन का टुकड़ा देने का अपना वादा पूरा नहीं किया।
पीड़ित वाशराम सरवैया ने कहा, ‘अपने पारंपरिक काम के कारण हमें बहुत भेदभाव झेलना पड़ रहा है, इसलिए हमने बौद्ध धर्म अपनाने का फैसला किया है।’ वाशराम ने कहा, ‘हमने अभी तारीख तय नहीं की है लेकिन हमने अपने समुदाय के सदस्यों से एक साथ आने और बौद्ध धर्म स्वीकार करने को कहा है। ’