तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा का अगले वर्ष के शुरू में अरुणाचल प्रदेश जाने का कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि इससे चीन की नाराजगी बढ़ेगी, क्योंकि चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा मानता है। दलाई लामा अगले साल अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे को केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल गई है।
धर्म गुरु के तवांग जाने की संभावना है। तवांग बौद्धों का मठ है। पिछले हफ्ते अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा के तवांग दौरे पर कड़ा ऐतराज जताया था। चीन ने कहा था कि अमेरिकी राजदूत ने ‘विवादित क्षेत्र’ का दौरा किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप से जब दलाई लामा के अरुणाचल दौरे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह ‘भारत के अतिथि’ हैं और पूरे देश में कहीं भी जाने को स्वतंत्र हैं।
स्वरूप ने कहा कि यह सच्चाई है कि दलाई लामा के अरुणाचल में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं जो उनका आशीर्वाद लेना चाहते हैं। वह पहले भी अरुणाचल का दौरा कर चुके हैं इसलिए फिर से वहां जाने में कुछ भी असामान्य नहीं है। अरुणाचल सरकार के सूत्रों ने कहा है कि प्रदेश दलाई लामा के दौरे की प्रतीक्षा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक धर्म गुरु वहां मार्च में जा सकते हैं।