रोजाना के दैनिक आहार में 30% से अधिक प्रसंस्कृत खाद्य (अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड) शामिल करने से अवसाद का खतरा बढ़ जाता है। ये केवल जंक और फास्ट फूड तक सीमित नहीं हैं।
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इनमें बड़े पैमाने पर शीतल पेय (कोल्ड ड्रिंक), फलों के रस, मार्जरिन (एक प्रकार का मक्खन), तले हुए अंडे और मैश किए हुए आलू जैसे खाद्य पदार्थों के पैकेट वाले कई रेडी-टू-हीट-एंड-ईट व्यंजन भी शामिल हैं।
‘जर्नल ऑफ अफेक्टिव डिसऑर्डर’ में छपे नए शोध के मुताबिक, सस्ते बिकने वाले अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड में अक्सर कई पोषक तत्वों की कमी रह जाती है। इसके कारण यह शरीर को अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। इस संबंध में ऑस्ट्रेलिया में डेकिन विवि में शोध हुआ।