04:19 AM, 03-Jun-2020
महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना, पुणे में दो लोगों की मौत
चक्रवाती तूफान निसर्ग ने अपना रुख मुंबई की तरफ कर लिया है और अब यह तेजी से बढ़ा चला आ रहा है। ऐसे में अब इसका असर महाराष्ट्र के कई जिलों में दिखना शुरू हो गया है। यहां मुंबई, पालघर, अलीबाग और ठाणे में देर रात से बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान ‘निसर्ग’ सुबह मुंबई से 94 किलोमीटर दूर अलीबाग के तट से आज टकराएगा। बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका को देखते हुए सरकार और प्रशासन की तरफ से तैयारियों को बढ़ा दिया गया है। महाराष्ट्र, गुजरात, केंद्र शासित दमन-दीयू, दादरा और नगर हवेली में लोगों की सुरक्षा के लिए तगड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र के रायगढ़ और पालघर में पड़ने वाले न्यूक्लियर और केमिकल संयंत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी तैयारियां की गई हैं। बता दें कि इसे रास्ते से यह तूफान आगे बढ़ेगा।
कोरोना महामारी से लड़ रहा देश 15 दिन में दूसरी बार भयावह तूफान का सामना कर रहा है। इसकी गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तूफान से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया है। उन्होंने ट्वीट कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। दूसरी ओर, महाराष्ट्र और गुजरात में एनडीआरएफ की 33 टीमें तैनात की गई हैं।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को कहा, अरब सागर से उठे निसर्ग की रफ्तार आखिरी 12 घंटों में 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। बुधवार को यह मुंबई से करीब 110 किलोमीटर दूर तट से टकराएगा। इस दौरान मुंबई में मूसलधार बारिश के साथ समुद्र में दो मीटर ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है। इससे निचले इलाके में बाढ़ की आशंका है। इसे देखते हुए एनडीआरएफ के साथ ही नौसेना, तटरक्षक बल समेत तमाम एजेंसियों को मुस्तैद किया गया है।
मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग में रेड अलर्ट जारी किया गया है। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी से उठे अम्फान ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बांग्लादेश में तबाही मचाई थी। हालंकि, निसर्ग को अम्फान से कम खतरनाक बताया जा रहा है।
129 साल बाद मुंबई तट पर चक्रवात
129 साल बाद मुंबई के समुद्री तट पर चक्रवात आ रहा है। मौसम विभाग के साइक्लोन ई-एटलस के अनुसार 1891 में समुद्री तूफान आया था। उसके बाद पहली बार अरब सागर में महाराष्ट्र के तटीय इलाके के आसपास समुद्री तूफान की स्थिति बनी है।