चक्रवाती तूफान 'क्यार' का असर अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है बल्कि अभी भी तटीय इलाकों में खतरा बना हुआ है। तूफान क्यार मुंबई से 980 किमी पश्चिम में और ओमान के साल्लाह से 1020 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व में स्थित है। मौसम विभाग ने इस बात की जानकारी दी है।
मौसम विभाग ने बताया कि तूफान क्यार अभी मुंबई से 980 किमी पश्चिम में स्थित हैं। उन्होंने बताया कि इस चक्रवाती तूफान 31 अक्तूबर तक कमजोर होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में सूचना जारी कर मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने का निर्देश दिया है। मौसम विभाग की मानें तो क्यार चक्रवाती तूफान की तीव्रता को 29 अक्तूबर की सुबह तक बनी रहेगी और उसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर होगा।
मौसम विभाग के अनुसार तूफान क्यार की वजह से नुकसान की गुंजाइश कम हैं, लेकिन गुजरात के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इस शक्तिशाली तूफान के आने वाले पांच दिनों में ओमान तट की तरफ बढ़ने की संभावना है और इसके साथ ही समुद्र में तेज हवाओं के साथ तीन से पांच मीटर तक ऊंची लहरें भी उठ सकती है।
तूफान क्यार से किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान से बचने के लिए आपदा और राहत टीमें लगातार चौकन्नी बनी हुई है। इससे पहले मौसम विभाग ने इस तूफान की वजह से महाराष्ट्र के निचले इलाकों में बारिश होने का अनुमान जताया था।