चक्रवाती तूफान फैनी (फाइल फोटो)
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केंद्र सरकार की तरफ से कहा गया है कि गुजरात और महाराष्ट्र में तीन दिन तक चक्रवात का खतरा बना रहेगा। 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी वर्षा होने का भी अलर्ट जारी किया गया है। चक्रवात के खतरों से निपटने के लिए कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में सोमवार को राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक हुई। चक्रवात का असर गुजरात, महाराष्ट्र और दमन दीव पर होने का अनुमान है। चक्रवात वाले इलाकों में नौसेना के जहाज तैनात किए गए हैं।
सात नवंबर को चक्रवात गुजरात और महाराष्ट्र तट को पार
कैबिनेट सचिव ने चक्रवात से निपटने के लिए विभिन्न एजेंसियों के पास मौजूदा संसाधनों का जायजा लिया। स्थिति खराब होने की हालत में बचाव और राहत कार्य कैसे होंगे, इन पर चर्चा की गई। राजीव गौबा ने आपदा की स्थिति के दौरान प्रभावित राज्यों में तत्काल सहायता प्रदान करने पर बल दिया। मौसम विभाग का कहना है कि यह चक्रवात, वर्तमान में पूर्व मध्य अरब सागर पर पश्चिम और उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके पांच नवंबर की सुबह तक तेज होने की संभावना है। अगले दिन यानी छह नवंबर की मध्यरात्रि और सात नवंबर की सुबह तक यह चक्रवात गुजरात और महाराष्ट्र तट को पार कर जाएगा।
हवाओं की रफ्तार 90 से 100 किमी प्रति घंटा
इस दौरान 90 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 1.5 मीटर तक पहुंचने वाली ज्वार की लहरों के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है। बैठक में मौजूद गुजरात और महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिवों ने बताया कि उन्होंने आवश्यक तैयारी कर ली हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों के साथ तटरक्षक बल और नौसेना के जहाजों को तैनात कर दिया गया है। सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है। मछली पकड़ने की सभी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया है। दमन और दीव प्रशासन ने भी इसी तरह की तैयारियां की हैं। इस बैठक में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ आईएमडी, एनडीएमए और एनडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।