चक्रवात गाजा ने नागापटनम में भारी तबाही मचाई है। इससे यहां पेड़ गिर गए, फसलों को नुकसान पहुंचा है और पावर सप्लाई भी प्रभावित हुई है। अभी तक चक्रवात ने तटीय जिलों के 13 लोगों की जान ले ली है। राज्य के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने मरने वालों के परिवार के लिए 10 लाख रुपये और घायलों के लिए 25 हजार-1 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात 'गाजा' ने शुक्रवार को नागापटनम और वेदरनयम के बीच तमिलनाडु तट पार कर लिया था। जिसके बाद तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने पेड़ और बिजली के तारों को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर लगी टीन की छत भी हवा के कारण उड़ गईं।
अधिकारियों के मुताबिक चक्रवात से 10 पुरुष, 3 महिलाओं और 28 पशुओं की मौत हो गई है। वहीं प्रशासन ने 81,948 लोगों को कुड्डाकोर, नागापटनम, रामनाथपुरम, तनजावर, पुडुकोट्टई और थिरूवर जिलों में स्थित आश्रयों में भेजा है। तमिलनाडु के हेल्थ सेक्रेटरी का कहना है कि लोगों की मदद के लिए 200 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद है। नागापटनम में भारतीय नेवी, एनडीआरएफ की टीम बचाव कार्य में जुटी है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं
तिरुवरूर जिले के कलेक्टर एल निर्मलराज ने लोगों से कहा है कि आश्रयों का प्रयोग करें। कलेक्टर ने लोगों से टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1077 पर फोन करने को भी कहा है। इसके साथ ही लोग आपात स्थिति में लैंडलाइन नंबर 04366-226040, 226050, 226080 और 226090 पर भी फोन कर सकते हैं। कुड्डालोर जिला प्रशासन ने एक एफएम रेडियो चैनल (107.8) भी लांच किया है। ताकि अगर संचार के बाकी साधन काम करना बंद कर दें तो लोगों को इसके माध्यम से सूचना दी जा सके।
जानकारी के मुताबिक अब गाजा चक्रवात की रफ्तार धीरे धीरे कम हो रही है। वहीं तीन दिनों से बंद रामेश्वरम-धनुषकोडि रोड को भी शनिवार को खोला गया।