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Weather: आज केरल-आंध्र में भारी बारिश का अलर्ट, फेंगल से भारत और श्रीलंका में अब तक 19 मौतें; जानिए ताजा अपडेट

Mon, 02 Dec 2024 06:01 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

चक्रवाती तूफान फेंगल के कारण आज केरल में बारिश का रेड अलर्ट जबकि आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश के आसार हैं। बीते दो दिनों में फेंगल का सबसे अधिक असर पुडुचेरी और तमिलनाडु में दिखा। भारत में तीन जबकि श्रीलंका में 15 लोगों की मौत की खबर है। मौसम विभाग से जानिए ताजा अपडेट
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चक्रवाती तूफान फेंगल के कारण कई राज्यों में बदला मौसम - फोटो : एएनआई / अमर उजाला
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विस्तार
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चक्रवाती तूफान फेंगल का दक्षिण भारत में बड़ा असर दिखा है। आज केरल में चार जिलों में आज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने केरल के मलाप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड और कन्नूर जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में भी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और अन्य जिलों के साथ-साथ दक्षिण तटीय क्षेत्र के नेल्लोर में भी भारी वर्षा का पूर्वानुमान है । अगले 24 घंटों में रायलसीमा के कई इलाकों में भी भारी वर्षा होने की संभावना है।
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श्रीलंका व भारत में कई लोग हताहत, राहत-बचाव के लिए सेना मुस्तैद
गौरतलब है कि फेंगल के कारण बने हालात के बीच पुडुचेरी और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हुई है। इस तूफान के चलते श्रीलंका व भारत में शनिवार से अब तक 19 लोगों की मौत हुई है। इनमें श्रीलंका में 15 और चेन्नई में तीन मौतें शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। सेना ने बाढ़ग्रस्त इलाके से हजारों लोगों को निकाला और राहत शिविरों में पहुंचाया।

फेंगल से पुडुचेरी में भारी बारिश
इससे पहले चक्रवाती तूफान फेंगल के कारण पुडुचेरी में तेज हवा के साथ भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। पुडुचेरी में 24 घंटे में करीब 50 सेमी तक बारिश ने तीस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसके चलते पूरा शहर भीषण बाढ़ में घिर गया। कई जगह भूस्खलन हुआ है। बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। 
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30 साल का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विभाग ने बताया कि पुडुचेरी में रविवार सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में 48.4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। यह 1995 से 2024 के दौरान 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश है। इससे पहले, 31 अक्तूबर, 2004 को पुडुचेरी में 24 घंटे में सबसे अधिक 21 सेंटीमीटर बारिश हुई थी।

आपदा के समय सरकार कितनी मुस्तैद?
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगासामी ने कहा कि रातभर भारी बारिश के चलते कई इलाकों में आई बाढ़ के बाद बचाव टीमें लगातार काम कर रही हंै। चेन्नई से सेना का एक बचाव दल सुबह ही पहुंच गया। सेना ने बताया कि कृष्णानगर समेत पुडुचेरी के तीन इलाकों में बाढ़ के पानी में घिरे 200 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। कृष्णानगर में पांच फीट तक पानी भर गया। इससे 500 घर जलमग्न हो चुके हैं। कई इलाकों में खंभे गिरने से बाधित हुई बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

तमिलनाडु में भारी बारिश, कई इलाकों में बाढ़ के हालात, हजारों प्रभावित

पुडुचेरी में चक्रवात से भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालते सेना के जवान। - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
तमिलनाडु के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और आपदा प्रबंधन राजेश लखानी ने बताया कि चक्रवात गुजर चुका है और अब हमारा ध्यान राहत कार्य पर है। उन्होंने बताया, चक्रवात कुछ समय के लिए रुका हुआ था इसलिए बारिश बहुत ज्यादा हुई। तूफान से बड़ी संख्या में पेड़ गिरे हैं। अधिकारियों ने बताया मरीना, पट्टिनापक्कम और इलियट समेत चेन्नई के समुद्र तटों पर ऊंची लहरें उठीं।

चेन्नई में बचाव दल ने 32 राहत शिविरों में 1,000 से अधिक लोगों को पहुंचाया
तूफान फेंगल के चलते तमिलनाडु के कई इलाकों में 50 सेमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। तूफान से विल्लुपुरम सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां तेज हवा और बारिश से बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। चेन्नई में 32 राहत शिविरों में 1,000 से अधिक लोगों को रखा गया है। वहीं, विल्लुपुरम में 49 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।

अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तरपश्चिम में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की तरफ से रविवार देर रात जारी बयान के मुताबिक उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी पर बना गहरा दबाव पिछले 06 घंटों के दौरान धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा है। चक्रवाती तूफान कमजोर होकर दबाव में बदलने के बाद तमिलनाडु के विल्लुपुरम से लगभग 20 किमी उत्तर-पूर्व, पुडुचेरी से 30 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम, कुड्डालोर से लगभग 40 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम और चेन्नई से 120 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में केंद्रित रहा। यह अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ेगा।
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तमिलनाडु और पुडुचेरी सरकारें मुस्तैद, बिजली सप्लाई बहाल करने का प्रयास

तमिलनाडु सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से किए जा रहे प्रयासों पर राज्य की डीएमके सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभागअतिरिक्त मुख्य सचिव गगनदीप सिंह बेदी ने कहा, जिला प्रशासन ने चक्रवात के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए। विल्लुपुरम जिले में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। उनके विभाग से 4-5 वरिष्ठ अधिकारियों को पड़ोसी जिले में भी दिन-रात मुस्तैद रहने और प्रभावित लोगों के बीच राहत-बचाव कार्य चलाने के लिए भेजा गया है। जहां भी बिजली आपूर्ति काटी गई थी, उन इलाकों में सप्लाई बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।


हालात पर उपराज्यपाल की करीबी नजर, जल निकासी का बुनियादी ढांचा नाकाफी
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 साल का रिकॉर्ड टूटने और चक्रवात फेंगल के कारण हुई मूसलाधार बारिश के संबंध में उपराज्यपाल कैलाशनाथन ने कहा, "पुडुचेरी में यह सबसे अधिक बारिश में से एक है। पिछले 24 घंटों में हमने 48.6 सेमी बारिश दर्ज की है। जल निकासी के लिए बनाया गया बुनियादी ढांचा एक दिन में इतनी अधिक मात्रा में बारिश बर्दाश्त करने में सक्षम नहीं है... बिजली सबस्टेशन डूबने के कारण हमें बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। बहुत सारे पेड़ गिरे हैं। अधिकांश बिजली की लाइनों पर गिरने के कारण हालात संवेदनशील हैं। उपराज्यपाल ने उम्मीद जताई कि आज रात तक, सभी सबस्टेशनों को फिर से चालू कर दिया जाएगा।
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