पुडुचेरी में चक्रवात से भारी बारिश के बाद आई बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालते सेना के जवान।
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तमिलनाडु के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और आपदा प्रबंधन राजेश लखानी ने बताया कि चक्रवात गुजर चुका है और अब हमारा ध्यान राहत कार्य पर है। उन्होंने बताया, चक्रवात कुछ समय के लिए रुका हुआ था इसलिए बारिश बहुत ज्यादा हुई। तूफान से बड़ी संख्या में पेड़ गिरे हैं। अधिकारियों ने बताया मरीना, पट्टिनापक्कम और इलियट समेत चेन्नई के समुद्र तटों पर ऊंची लहरें उठीं।
चेन्नई में बचाव दल ने 32 राहत शिविरों में 1,000 से अधिक लोगों को पहुंचाया
तूफान फेंगल के चलते तमिलनाडु के कई इलाकों में 50 सेमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। तूफान से विल्लुपुरम सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां तेज हवा और बारिश से बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए। चेन्नई में 32 राहत शिविरों में 1,000 से अधिक लोगों को रखा गया है। वहीं, विल्लुपुरम में 49 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तरपश्चिम में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग की तरफ से रविवार देर रात जारी बयान के मुताबिक उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी पर बना गहरा दबाव पिछले 06 घंटों के दौरान धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ा है। चक्रवाती तूफान कमजोर होकर दबाव में बदलने के बाद तमिलनाडु के विल्लुपुरम से लगभग 20 किमी उत्तर-पूर्व, पुडुचेरी से 30 किमी पश्चिम-उत्तरपश्चिम, कुड्डालोर से लगभग 40 किमी उत्तर-उत्तरपश्चिम और चेन्नई से 120 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में केंद्रित रहा। यह अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ेगा।
तमिलनाडु सरकार और स्थानीय प्रशासन की तरफ से किए जा रहे प्रयासों पर राज्य की डीएमके सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभागअतिरिक्त मुख्य सचिव गगनदीप सिंह बेदी ने कहा, जिला प्रशासन ने चक्रवात के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए। विल्लुपुरम जिले में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। उनके विभाग से 4-5 वरिष्ठ अधिकारियों को पड़ोसी जिले में भी दिन-रात मुस्तैद रहने और प्रभावित लोगों के बीच राहत-बचाव कार्य चलाने के लिए भेजा गया है। जहां भी बिजली आपूर्ति काटी गई थी, उन इलाकों में सप्लाई बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
हालात पर उपराज्यपाल की करीबी नजर, जल निकासी का बुनियादी ढांचा नाकाफी
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 साल का रिकॉर्ड टूटने और चक्रवात फेंगल के कारण हुई मूसलाधार बारिश के संबंध में उपराज्यपाल कैलाशनाथन ने कहा, "पुडुचेरी में यह सबसे अधिक बारिश में से एक है। पिछले 24 घंटों में हमने 48.6 सेमी बारिश दर्ज की है। जल निकासी के लिए बनाया गया बुनियादी ढांचा एक दिन में इतनी अधिक मात्रा में बारिश बर्दाश्त करने में सक्षम नहीं है... बिजली सबस्टेशन डूबने के कारण हमें बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी। बहुत सारे पेड़ गिरे हैं। अधिकांश बिजली की लाइनों पर गिरने के कारण हालात संवेदनशील हैं। उपराज्यपाल ने उम्मीद जताई कि आज रात तक, सभी सबस्टेशनों को फिर से चालू कर दिया जाएगा।