इसमें कहा गया कि इसके अगले 18 घंटे के दौरान और प्रचंड रूप लेने की आशंका है। चक्रवात के उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और गुरुवार सुबह तक गोपालपुर और कलिंगापत्तनम के बीच ओडिशा तथा आंध्र प्रदेश के उत्तरी तट को पार करने की आशंका है।
भुवनेश्वर में मौसम केंद्र के निदेशक एच आर बिस्वास ने बताया कि इसके बाद चक्रवात के ओडिशा पार करके पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है और उसके बाद यह धीरे-धीरे कमजोर हो जाएगा।
तटीय ओडिशा के कुछ इलाकों में बुधवार को बारिश हुई है। मौसम विभाग ने गुरुवार तक कई इलाकों में 'भारी से बहुत भारी वर्षा' और कुछ इलाकों में 'अत्यधिक भारी बारिश' का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग ने मछली पकड़ने के लिए तटों पर न जाने और तट पर रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। मछुआरों को शुक्रवार तक समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।
ओडिशा सरकार राज्य में भारी बारिश के मद्देनजर बाढ़ की आशंका को लेकर भी सतर्क है। राज्य सरकार ने सभी जिलों में पहले ही हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और निचले इलाकों मे रह रहे लोगों को स्थानांतरित करने के लिए कहा गया है।
राज्य सरकार ने बुधवार से गजपति, गंजम, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद करने के आदेश दिए हैं। बाढ़ की आशंका के चलते 11 अक्टूबर तक करीब 300 मोटरचालित नौकाओं का बंदोबस्त किया गया है।
मुख्य सचिव एपी. पाधी ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल के साथ दमकल कर्मियों को विभिन्न जिलों में भेजा गया है।