साइबराबाद पुलिस ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय के बेटे बंदी भागीरथ की तलाश तेज कर दी है। भागीरथ पर एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए दिल्ली और करीमनगर में अपनी टीमें भेजी हैं।
बुधवार को पुलिस ने भागीरथ को पेश होने का नोटिस दिया था, लेकिन वह नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ दर्ज पॉक्सो (POCSO) मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की। पेट बशीराबाद पुलिस ने भागीरथ के चाचा को करीमनगर में दूसरा नोटिस दिया है। पुलिस को भागीरथ के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन करीमनगर में ही मिली थी।
भागीरथ ने पेट बशीराबाद पुलिस स्टेशन के अधिकारी को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उसने पुलिस के सामने पेश होने के लिए दो दिन का समय मांगा है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री के बेटे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसने अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की है, जिस पर गुरुवार को सुनवाई होनी है।
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अदालत में भागीरथ के वकील यह दलील देंगे कि पीड़िता नाबालिग नहीं है, इसलिए इस मामले में पॉक्सो कानून लागू नहीं होता। बचाव पक्ष का दावा है कि उनके पास लड़की की असली उम्र से जुड़े दस्तावेज हैं। ये दस्तावेज पहले एक सड़क दुर्घटना के मामले में अदालत में पेश किए गए थे।
दूसरी तरफ, करीमनगर और हैदराबाद के कुछ हिस्सों में भागीरथ के 'फरार' होने के पोस्टर लगे हैं। इन पोस्टरों में भागीरथ और उसके पिता बंदी संजय की तस्वीरें हैं। पोस्टरों के जरिए लोगों से अपील की गई है कि यदि आरोपी कहीं दिखे तो पुलिस को सूचना दें। हालांकि, अभी यह पता नहीं चला है कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं।
यह पूरा मामला 8 मई को दर्ज हुआ था। भागीरथ पर आरोप है कि उसने मोइनाबाद के एक फार्महाउस में 17 साल की लड़की का यौन शोषण किया। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पुलिस महानिदेशक सी.वी. आनंद को इस मामले की कड़ी जांच करने के निर्देश दिए थे।
डिप्टी कमिश्नर रितिराज इस जांच की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने पीड़िता से बात करके जरूरी जानकारी जुटाई है। पुलिस ने अब एफआईआर में पॉक्सो एक्ट की और भी कड़ी धाराएं जोड़ दी हैं। इसमें गंभीर यौन उत्पीड़न से जुड़ी धाराएं शामिल हैं, जिनमें दोषी को 20 साल या उससे ज्यादा की सजा हो सकती है।