पुलिस की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि आरोपी विनय भारद्वाज के पास शिक्षा-प्रौद्योगिकी संगठनों के छात्रों का डेटा था और उसके पास जीएसटी, विभिन्न राज्यों के सड़क परिवहन संगठनों, प्रमुख इको-समरस पोर्टलों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फिनटेक कंपनियों जैसे प्रमुख संगठनों के उपभोक्ता/ग्राहक का डाटा भी था।
हैदराबाद की साइबराबाद पुलिस ने 31 राज्यों और आठ महानगरों के 66.9 करोड़ लोगों व संगठनों का व्यक्तिगत और गोपनीय डाटा चुराने, रखने और बेचने के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इसमें से कुछ डाटा रक्षा कर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, पैन कार्ड व डीमैट खाताधारकों का था।
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पुलिस ने शनिवार को बताया कि आरोपी विनय भारद्वाज के पास एजु-टेक संगठनों के छात्रों और जीएसटी, विभिन्न राज्यों के सड़क परिवहन संगठनों, दिग्गज ई-कॉमर्स पोर्टल, सोशल मीडिया मंचों और फिनटेक कंपनियों का डाटा है। पुलिस ने विनय को शुक्रवार को तब गिरफ्तार किया जब वह डाटा बेचने की फिराक में था। उसने इस डाटा को 104 श्रेणियों में बांट रखा था। उसके पास पास मौजूद कुछ महत्वपूर्ण डाटा में रक्षा कर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, पैन कार्ड धारकों का डेटा, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों, दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं, डी-मैट खाताधारकों, मोबाइल नंबरों का डाटा शामिल है। इसके अलावा उसके पास से एनईईटी छात्रों, अरबपतियों, बीमा धारकों, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड धारकों का भी डाटा था।
फरीदाबाद से कर रहा था संचालन
पुलिस के मुताबिक, आरोपी विनय हरियाणा के फरीदाबाद में एक वेबसाइट ‘इंस्पायरवेब्ज’के माध्यम से संचालन कर रहा था। उसने आमिर सोहेल और मदन गोपाल से यह डाटा हासिल किया था। वह क्लाउड ड्राइव लिंक के जरिये ग्राहकों को डाटाबेस बेच रहा था। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन, दो लैपटॉप और 135 श्रेणियों में सरकार, निजी संगठनों और लोगों की संवेदनशील जानकारी भी जब्त की है। वहीं, पुलिस ने बताया कि पूरे मामले में पड़ताल की जा रही है, ताकि केस में और जानकारी हासिल हो सके।