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सरकार की बड़ी चूक, 13.5 करोड़ आधार डाटा लीक

Wed, 03 May 2017 11:08 AM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
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आधार कार्ड - फोटो : Getty Images
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सरकार की एक बड़ी लापरवाही से करोड़ों लोगों का आधार कार्ड से जुड़ा डाटा लीक हो गया है। इसकी पुष्टि बंगलूरू के सेंटर फॉर इंटरनेट एंड सोसायटी (सीआईएस) की रिपोर्ट से हुआ है। सीआईएस की रिपोर्ट की माने तो सरकारी विभागों की ओर से कथित तौर पर एक बड़ी चूक माना जा रहा है। सीआईएस का कहना है कि करीब 13.5 करोड़ आधार खातों के आकंड़े लीक हुए हैं। 
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सीआईएस की ओर से अंबर सिन्हा और श्रीनिवास कोडाली ने ये रिपोर्ट पेश की है। उनका कहना है कि  रूरल मिनिस्ट्री के विभाग नेशनल सोसायटी असीस्टेंनस प्रोग्राम(एनएसएपी) और नेशनल रूरल एम्पलोयमेंट गारंटी स्कीम के प्रशासन की ओर से ये डाला सार्वजनिक हुआ है। कुछ मामले तो ऐसे हैं जिनमें लाखों लोगों के बैंक अकाउंट्स डिटेल और मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक हो गए हैं।

ये भी पढ़ें: आधार को पैन से जोड़ने पर सरकार ने SC से कहा- लगेगी जाली पैन कार्ड पर रोक

बिजनेस एक्सपर्ट नीतीन भटनागर का कहना है कि आधार को लेकर बड़ी कमी पेमेंट इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी चिंता है। एक ग्राहक के आधार विवरण के साथ एक जालीदार एक क्लोन सिम कार्ड प्राप्त कर सकता है और इसे धोखाधड़ी लेनदेन के लिए इस्तेमाल कर सकता है। दरअलस, सीआईएस आधार के बायॉमैट्रिक होने के चलते पहले भी चिंता जता चुका है।
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तकनीकी खामियों की वजह से लोगों की पर्सनल जानकारी आसानी से सार्वजनिक हो जाती हैं। यूआईडीएआई सिस्टम में आधार बनवाने वाले सभी नागरिकों का डेटा सेंट्रल रिपॉजिटरी में स्टोर होता है। इतनी बड़ी संख्या में एक जगह डेटा सुरक्षित रखना अपने आप में चुनौती है। यूआईडीएआई का कहना है कि आधार से जुड़ा डेटा काफी सुरक्षित है और इसमें कोई चूक नहीं हुई है।
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