अंतरराज्यीय साइबर अपराध के अपने तरह के पहले मामले में मुंबई की बुजुर्ग महिला से 22 लाख रुपये से अधिक ठगे गए हैं। मुंबई में रहने वाली इस महिला के पास फर्जी पुलिस अधिकारी का फोन आया जिसने पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया। सजा के डर से वृद्धा ने 22 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करा दिए। जानिए पूरा मामला
देश में बढ़ते साइबर ठगी का एक और मामला आर्थिक राजधानी मुंबई से सामने आया है। मुंबई की एक महिला पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप लगाते हुए साइबर अपराधियों ने महिला से 22 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। इस वारदात के संबंध में पुलिस मामला दर्ज कर अपराधियों की तलाश कर रही है।
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ठगने के लिए 'जासूसी के आरोप' वाला शहर का पहला अपराध
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि साइबर जालसाजों ने खुद को दिल्ली एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस का जवान बताकर मुंबई की एक बुजुर्ग महिला से 22 लाख रुपये ठग लिए। एक अधिकारी ने दावा किया कि लोगों को ठगने के लिए 'जासूसी के आरोप' लगाने वाला शहर में यह पहला साइबर अपराध है।
वृद्ध महिला को तीन अज्ञात कॉल आए, कहा- दिल्ली ATS अधिकारी, जम्मू-कश्मीर में....
दक्षिण मुंबई के गिरगांव में रहने वाली 64 वर्षीय महिला ने पिछले सप्ताह साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में उसे अज्ञात नंबरों से तीन कॉल आए थे। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस की एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) का अधिकारी प्रेम कुमार गुप्ता बताया और कहा कि वह इस समय जम्मू-कश्मीर सीमा पुलिस स्टेशन में तैनात है।
पाकिस्तान के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप
इस वृद्ध महिला को साइबर अपराधियों ने झांसे में लिया और कहा, पाकिस्तान के साथ संवेदनशील जानकारी साझा करने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जासूसी के लिए 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये का जुर्माना होगा।
सजा के डर से महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में 22.4 लाख रुपये जमा कराए
फोन करने वाले शख्स ने महिला के फोन पर अपनी फर्जी आईडी कार्ड की तस्वीर भी साझा की। सजा के डर से महिला ने अलग-अलग बैंक खातों में 22.4 लाख रुपये जमा कर दिए। भुगतान करने के बाद महिला को फोन कॉल आने बंद हो गए, जिससे उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है।