शीर्ष रिसर्च संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने ईएनडीएस पर पूर्ण प्रतिबंध की सिफारिश की थी। उसका कहना है कि यह धूम्रपान न करने वाले लोगों में भी निकोटिन की आदत डाल सकता है।
उसका कहना है कि ई-सिगरेट हृदय प्रणाली पर प्रतिकूल असर डालती है। साथ ही यह सिगरेट के धूम्रपान की तरह श्वसन प्रतिरक्षा सेल फंक्शन और वायुमार्ग को बाधित करती है तथा गंभीर श्वसन रोगों के लिए जिम्मेदार है।
पंजाब, कर्नाटक, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, झारखंड, राजस्थान और मिजोरम में पहले से ही ई-सिगरेट, वेप और ई-हुक्का के इस्तेमाल और बिक्री पर रोक लगी हुई है।
25 देशों में पूर्ण प्रतिबंध
ब्राजील, नार्वे और सिंगापुर समेत 25 देशों में ई-सिगरेट की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध है जबकि 17 अन्य देशों में विपणन अनुमति जरूरी है।