हिंसा के पीछे कुछ ‘ताकतों’ का हाथ : खांडू
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पीआरसी के मुद्दे पर राज्य में भड़की हिंसा के लिए कुछ ‘ताकतों’ को हाथ बताया है। उन्होंने लोगों से प्रदर्शन खत्म करने शांति बनाए रखने में सरकार का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पहले ही पीआरसी मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। पीआरसी मुद्दे को खत्म बताते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि इस पर संवादहीनता की स्थिति रही। सरकार का रुख जनता तक नहीं पहुंच सका और लोग भड़क उठे। उन्होंने कहा कि हिंसक प्रदर्शनों और इसके चलते हुए नुकसान की कमिश्नर स्तर जांच के आदेश दिए गए हैं। हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजे का भी एलान किया। साथ ही उन्होंने पीआरसी मुद्दे पर विभिन्न समुदायों के नेताओं से फोन पर बात भी की।
अरुणाचल प्रदेश में नहीं लगेगा राष्ट्रपति शासन : रिजिजू
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की संभावना से इनकार किया है। हालांकि उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीआरसी मुद्दे पर लोगों को सही ढंग से समझाने में नाकाम नहीं है। रिजिजू ने कहा कि पेमा खांडू के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को सिविल सोसायटी से बातचीत शुरू करने, जल्द से जल्द हालात सामान्य बनाने समेत सभी संभव कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छह समुदायों को स्थायी आवास प्रमाण पत्र (पीआरसी) देने के मुद्दे पर राज्य के लोगों में भारी भ्रम की स्थिति है। उन्होंने पेमा खांडू की जगह किसी दूसरे को मुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलों को भी खारिज किया। कांग्रेस खांडू के इस्तीफे और राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही है।