सूत्रों का कहना है कि पुलवामा हमले को अंजाम देने वाले आदिल डार और उसके साथियों, जिनकी संख्या करीब छह-सात है, को भी आर्थिक मदद पहुंचाई गई थी।आरडीएक्स और दूसरे विस्फोटकों को लाना, गाड़ी का इंतजाम व अन्य मदद, इन सब कामों के लिए जो पैसा खर्च हुआ, वह पाकिस्तान व दुबई से पहुंचा था। यह पैसा हवाला के जरिए लाया गया है। इसमें लोकल पुलिस की मदद से जांच एजेंसी ने प्रारंभिक तौर पर 37 अलगाववादी नेताओं के बैंक खाते चैक किए हैं।
एक स्थानीय बैंक के अलावा जिन एजेंसियों के जरिए विदेशों से धन मंगाया जाता है, उनसे भी पूछताछ चल रही है। इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि पुलवामा हमला और उससे पहले जैश के सदस्यों को समय-समय पर अलगाववादी व कुछ दूसरे स्थानीय कारोबारी आर्थिक मदद पहुंचा रहे थे।