संसद की एक उच्च स्तरीय समिति ने कहा है कि केंद्रीय सामाजिक कल्याण बोर्ड (सीएसडब्ल्यूबी) के सदस्य बने सांसदों को अयोग्य ठहराया जा सकता है। लाभ के पद के मामले में बनाई गई इस संयुक्त समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बोर्ड की जनरल बॉडी के सदस्यों के तौर पर नामांकित सांसदों को संसद से अयोग्य ठहराया सकता है।
इस मामले में संसदीय समिति ने कानून-मंत्रालय के दृष्टिकोण का संज्ञान लिया है। उसने समिति से कहा कि ऐसे सांसदों को अयोग्य ठहराया जा सकता है। लाभ के पद के मामलों को देख रही समिति के अध्यक्ष
भाजपा सांसद कलराज मिश्र हैं। इस समिति में लोकसभा के 10 और राज्यसभा के 5 सदस्य हैं।
समिति ने संसद के पटल पर रखी अपनी रिपोर्ट में कहा, सीएसडब्ल्यूबी की जनरल बॉडी के सदस्य के तौर पर नामांकन से किसी सांसद की सदस्यता को अयोग्य ठहराया जा सकता है। सीएसडब्ल्यूबी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत आने वाली गैर-लाभकारी संस्था के तौर पर दर्ज है।
इसकी जनरल बॉडी में 56 सदस्य हैं। इनमें एक अध्यक्ष, दो लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद के अलावा अन्य क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। इसका कार्यकाल तीन साल का होता है। इन सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार करती है और उनकी सदस्यता भी सरकार ही खत्म कर सकती है।