सीआरपीएफ के मुताबिक, आरएएफ के उत्तरी जोन के डीआईजी कार्यालय में तैनात हवलदार सुखवीर सिंह 29 मई को अपने घर से लौटा था। नियमानुसार, उसे नूंह के डाइट सेंटर पर 14 दिन का क्वारंटीन करने के लिए भेज दिया गया।
इस सेंटर पर 194 बटालियन के कई दूसरे जवान भी थे। शुक्रवार सुबह उसे क्वारंटीन सेंटर से बाहर जाने की इजाजत मिल गई। जिस वक्त वह बाहर आया, दूसरे साथियों के साथ उसकी भी जांच की गई।
उस दौरान सुखवीर सिंह की तबीयत ठीक थी। सुबह साढ़े सात बजे से लेकर आठ बजे के बीच हुई जांच के दौरान उसका तापमान सामान्य बताया गया।
उसने वहीं पर नाश्ता किया। साढ़े आठ बजे एसआई सतपाल को सूचना मिली कि सुखवीर सिंह फर्श पर गिर पड़ा है। उसकी जीभ के नीचे सोर्बिट्रेट की गोली रखी गई और सीपीआर दिया गया।
एंबुलेंस के जरिए तीस मिनट में उसे राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नल्हर ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।