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CRPF: केजीएच से नक्सलियों को खदेड़ने वाले अभियान में सीआरपीएफ के डॉग की गई जान, मधुमक्खियों ने किया था हमला

सार

सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने डॉग रोलो को मरणोपरांत डीजी कमेंडेशन डिस्क (सम्मान) देने की घोषणा की है। रोलो का जन्म 5 अप्रैल 2023 को हुआ था।
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सीआरपीएफ का डॉग रोलो - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ के बीजापुर और तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा के पहाड़ पर सीआरपीएफ व दूसरे सुरक्षाबलों ने तीन सप्ताह तक चले ब्लैक फ़ॉरेस्ट ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें से 28 नक्सलियों की पहचान हो गई है। मारे गए नक्सलियों में 16 महिला और 15 पुरुष शामिल हैं। इस ऑपरेशन में 18 जवान भी घायल हो गए हैं। इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ के डॉगी ‘रोलो’ ने भी अहम योगदान दिया था। 

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अभियान में शामिल जवानों को आईईडी से बचाने के लिए ‘रोलो’ ने सर्चिंग में काफ़ी मदद की थी। इस दौरान मधुमक्खियों एक विशाल झुंड ने अचानक रोलो पर हमला कर दिया। इसके चलते रोलो की जान चली गई। सीआरपीएफ की 228 बटालियन में रोलो को पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सीआरपीएफ जवानों ने हथियार उल्टे कर रोलो को सलामी दी। यह सम्मान रोलो के हैंडलर द्वारा ग्रहण किया जाएगा। 

सीआरपीएफ डीजी जीपी सिंह ने डॉग रोलो को मरणोपरांत डीजी कमेंडेशन डिस्क (सम्मान) देने की घोषणा की है। रोलो का जन्म 5 अप्रैल 2023 को हुआ था। रोलो को इन्फैंट्री पेट्रोलिंग, विस्फोटक का पता लगाने और आक्रमण में प्रशिक्षित किया गया था। ट्रेनिंग के बाद के9 रोलो को पिछले माह ही नक्सल विरोधी  अभियान में शामिल किया गया। 
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सीआरपीएफ व छत्तीसगढ़ पुलिस ने गत माह नक्सलियों के खिलाफ अभी तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया था। इस अभियान हजारों जवान शामिल थे। नक्सलियों ने कदम कदम पर आईईडी लगा रखी थी। आईईडी का पता लगाने के लिए रोलो को तैनात  किया गया था। केजीएच में एक विशेष ऑपरेशन के दौरान जब गहन सर्च चल रही थी, तभी वहां पर मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड द्वारा अचानक रोलो पर हमला कर दिया गया। के-9 के संचालकों ने रोलो को मधुमक्खियों से बचाने का पूरा प्रयास किया। रोलो को एक पॉलीथीन शीट से ढक दिया गया। इस प्रयास में कई जवान भी मधुमक्खियों की चपेट में आ गए। 
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जवानों का यह प्रयास कारगर साबित नहीं हो सका। मधुमक्खियों का विशाल झुंड कवर के अंदर घुस गया था। उन्होंने रोलो को बुरी तरह काट लिया। तीव्र दर्द और जलन के कारण  रोलो बेहोश हो गया। जवानों ने उसे कवर से बाहर निकाला।  उसकी जान बचाने के संचालकों ने रोलो को आपातकालीन  उपचार दिया। उसके बाद रोलो को पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया। हालांकि रोलो, दर्द और पीड़ा के कारण रास्ते में ही दम तोड़ चुका था। पशु चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सीआरपीएफ ने रोलो को सलामी दी। इसके बाद डीजी ने रोलो को उसकी बहादुरी पर सम्मान देने की घोषणा की है।

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