देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने 30 दिन में एक करोड़ किलोमीटर पैदल चलने या दौड़ने का रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए रोजाना अधिकारियों और जवानों को कम से कम पांच किलोमीटर चलना होगा। डीजी 'सीआरपीएफ' डॉ. एपी महेश्वरी और उनके सहयोगी अधिकारी भी इस पहल में शामिल हैं।
वे भी रोजाना पांच किलोमीटर की दूरी नाप रहे हैं। डीजी महेश्वरी को भरोसा है कि इस पहल से बल के अधिकारी और जवानों का स्वास्थ्य बेहतर करने में मदद मिलेगी। हालांकि सीआरपीएफ की मौजूदा बल संख्या को देखें तो वह लगभग सवा तीन लाख है।
ऐसे में यदि एक जवान रोजाना पांच किलोमीटर चलेगा, तो एक अक्तूबर तक यह आंकड़ा तीन करोड़ के पार पहुंच जा सकता है, लेकिन बहुत सी ऐसी ड्यूटी भी हैं, जहां सभी कर्मियों के लिए रोजाना पांच किलोमीटर पैदल चलना संभव नहीं होगा। यही वजह है कि डीजी महेश्वरी ने एक करोड़ किलोमीटर चलने का लक्ष्य तय किया है।
मंगलवार को डीजी डॉ. एपी महेश्वरी ने बताया, यह पहल सीआरपीएफ के अफसरों और जवानों का स्वास्थ्य ठीक रखने में कारगर साबित होगी। जवानों में अपने कार्य के प्रति उत्साह बढ़ेगा। जब कर्मियों का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, तो ये तय है कि उस बल की कार्यक्षमता में भी अच्छा-खासा इजाफा होगा।
साथ ही, स्वास्थ्य अच्छा होने की वजह से जवानों के मेडिकल खर्च में कमी आएगी। वह पैसा उनके कल्याण की दूसरी योजनाओं पर खर्च किया जा सकता है। चूंकि सीआरपीएफ एक अनुशासित बल है, इसलिए यहां जो भी आदेश जारी होता है, उसका सौ फीसदी पालन किया जाता है।
बतौर डीजी, हमें मालूम है कि सभी अधिकारी और जवान अपनी पोस्टिंग वाली जगह पर पैदल चलने का प्रयास करेंगे। कई ऐसी पोस्टिंग भी होती हैं, जहां ये संभव नहीं है। इसी के चलते हमनें यह हिसाब किताब लगाया है कि दो लाख कर्मी भी रोजाना पांच किलोमीटर चलेंगे या दौड़ेंगे तो एक माह में तीन करोड़ किलोमीटर का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
यदि तीन लाख कर्मी तीस दिन तक रोजाना पांच किलोमीटर चलते हैं, तो वह आंकड़ा 4.5 करोड़ किलोमीटर तक पहुंच सकता है। सीआरपीएफ ने अभी तीस दिन में एक करोड़ किलोमीटर चलने का लक्ष्य रखा है। इसके आसानी से पूरा होने की उम्मीद है।