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82वां स्थापना दिवस: शाह ने कहा- सीआरपीएफ शौर्य, साहस व समर्पण का पर्याय

Tue, 28 Jul 2020 04:20 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Amit Shah - फोटो : ANI
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केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 82वें स्थापना दिवस पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों व उनके परिवारों को बधाई दी। गृहमंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ को शौर्य, साहस और समर्पण का पर्याय बताया तो पीएम मोदी ने कहा, सीआरपीएफ राष्ट्र को सुरक्षित रखने में सबसे आगे है। इसके साहस की व्यापक रूप में प्रशंसा होती है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, सीआरपीएफ इंडिया के सभी जवानों को इस अद्भुत सुरक्षा बल के 82वें स्थापना दिवस की कोटि कोटि बधाई। सीआरपीएफ ने देश को सुरक्षित रखने में सबसे आगे मोर्चा संभाला है। मैं कामना करता हूं कि आने वाले वक्त में सीआरपीएफ और भी ऊंचाइयां हासिल करे। 

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, सीआरपीएफ ने हमेशा हर मोर्चे पर देश का गौरव बढ़ाया है। कोरोना संकट के दौरान समाज की सेवा में उनका समर्पण अतुलनीय रहा। मैं आज इसके 82वें स्थापना दिवस पर करोड़ों भारतीयों के साथ मिलकर सीआरपीएफ का अभिवादन करता हूं। 
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27 जुलाई 1939 को हुई स्थापना
सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई 1939 में क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस के तौर पर हुई थी। बाद में इसे 28 दिसंबर 1949 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल नाम दे दिया गया। सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती है। 

राष्ट्र की शांति के प्रहरियों को सलाम
‘सीआरपीएफ जवान राष्ट्र के प्रहरियों के रूप में समाज की सेवा में हर पल तत्पर रहते हैं। 82वें स्थापना दिवस पर इन जवानों को ढेरों बधाई। सीआरपीएफ कर्तव्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता का पर्याय है।’ - वेंकैया नायडू, उपराष्ट्रपति 

निर्भयता ही इनकी पहचान 
‘निर्भयता सीआरपीएफ की पहचान है। ये देश की सेवा और निष्ठा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सीआरपीएफ ने 1959 में लद्दाख में चीन के सैनिकों के दांत खट्टे किए थे। हमारे 10 जवानों ने शहादत देकर चीन को भारी नुकसान पहुंचाया था।  पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को इन पर अटूट भरोसा है।’ - नित्यानंद राय, गृह राज्यमंत्री 

शहीदों का सदैव ऋणी रहेगा देश
‘देश शहीद जवानों का सदैव ऋणी रहेगा। अब तक सीआरपीएफ के 2200 से अधिक जांबाजों ने देश के लिए जान न्यौछावर किया है। इसके जवानों ने अपनी वीरता और बलिदान से देश को उत्सव के कई मौके दिए हैं। 2000 वीरता पदकों के साथ इन जांबाजों ने सीआरपीएफ को अलंकृत किया है।

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