हाल में हुए पांच सूबों के चुनाव में जीतने वाले 428 यानी 53 फीसदी विधायक करोड़पति हैं। नई दिल्ली स्थित एक वैचारिक मंच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रीफॉर्म्स ने 812 विधायकों के हलफनामे का विश्लेषण करने के बाद ये डेटा जारी किया है। 19 मई को असल, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में के चुनाव नतीजे आए थे। पुडुचेरी में आबादी के अनुपात में सबसे अधिक विधायक करोड़पति हैं।
पुडुचेरी में 30 में से 25 (83 फीसदी) विधायक करोड़पति हैं वहीं तमिलनाडु में 223 में से 170 (76 फ़ीसदी), असम में 126 में से 72 (57 फीसदी), केरल में 140 में से 61 (44 फ़ीसदी) और पश्चिम बंगाल में 293 में से 100 (34 फीसदी) विधायक करोड़पति हैं।
नए बनने वाले मुख्यमंत्रियों में तमिलनाडु की छह बार मुख्यमंत्री रह चुकी जयललिता सबसे अमीर हैं। उनकी संपत्ति की कीमत 113 करोड़ से अधिक है। 27 मई को दूसरी बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनने जा रही ममता बनर्जी के पास 30 लाख की संपत्ति है। नए बनने वाले मुख्यमंत्रियों में उनके पास सबसे कम की संपत्ति है।
पांच राज्यों में जितने विधायक चुने गए हैं उनमें सबसे अधिक की संपत्ति तमिलनाडु के नानगुनेरी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक वसंतकुमार एच के पास है। वसंतकुमार एच के पास 337 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। वसंतकुमार के अलावा तमिलनाडु में डीएमके के विधायक मोहन एम के पास 170 करोड़ और पुडुचेरी के विधायक अशोक आनंद के पास 124 करोड़ की संपत्ति है।
पुडुचेरी के विधायक औसत 13।45 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे अमीर हैं। तमिलनाडु विधानसभा में विधायकों की औसत संपत्ति 8।21 करोड़, केरल में 2।82 करोड़, असम में 2।45 करोड़ और पश्चिम बंगाल में 1।46 करोड़ की है।
पांच राज्यों के 812 विधायकों में से 186 विधायकों (23 फीसदी) ने कभी भी आयकर रिटर्न नहीं भरा है। आयकर रिटर्न नहीं भरने वालों में केरल के सबसे ज्यादा 60 फीसदी विधायक हैं। केरल में 140 विधायकों में से 84 विधायकों ने आयकर रिटर्न नहीं भरा है।
पश्चिम बंगाल में 293 में से 58 विधायकों ने कभी आयकर रिटर्न नहीं भरा है। तमिलनाडु में 223 में से 32 विधायकों ने आयकर रिटर्न नहीं भरा है वहीं पुडुचेरी में 30 में से तीन और असम में 126 में से नौ ने कभी आयकर रिटर्न नहीं भरा है। 49 विधायकों ने अपना पैन नंबर भी नहीं बताया है। पैन नंबर नहीं देने वालों में केरल के 34, पश्चिम बंगाल के आठ और असम के एक विधायक शामिल हैं।
(चैतन्य मालापुर, इंडिया स्पेंड में विश्लेषक हैं।)