मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने घंटेभर बंद हॉल में कार्यकर्ताओं से गुफ्तगू की और सरकार के कामकाज के बारे में फीडबैक लिया। बैठक में मुख्यमंत्री के सामने ही एक कार्यकर्ता ने सरकार की आलोचना की तो तालियां बजने लगीं। तालियों पर सीएम ने टोका तो बैठक में खामोशी छा गई।
बुधवार सुबह साढ़े 10 बजे भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, निगरानी समिति सदस्यों की बैठक शुरू हुई। पहले सत्र में कार्यकर्ता-पदाधिकारियों को सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया गया। दूसरे सत्र में कार्यकर्ताओं को अपनी समस्या बतानी थी और तीसरे सत्र में बताने को कहा गया था कि क्या करें, जिससे सरकार का जनता में भरोसा और बढ़ाया जा सके।
कार्यकर्ताओं से समस्याएं पूछी गई तो एक ने कह दिया कि सरकार किमै काम की कौनी, कार्यकर्ताओं की सुनती ही नहीं। इसके बाद तालियां बजीं तो माहौल असहज हो गया। ऊपर से मुख्यमंत्री ने पूछ लिया कि तालियां क्यों.....। कुछ क्षण की खामोशी के बाद बैठक फिर से आरंभ हुई। बाद में सरकार के कामकाज को लेकर कई कार्यकर्ताओं ने सुझाव रखे। बैठक में सांसद धर्मबीर सिंह ने हिस्सा नहीं लिया। जिले के दोनों विधायकों के अलावा करीब-करीब सभी भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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सीएम ने चुनींदा आरएसएस नेताओं से की बैठक
मुख्यमंत्री ने बुधवार रात बिना तामझाम के आरएसएस के एक नेता के घर बैठक की। बैठक में केवल 18-20 आरएसएस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। करीब 45 मिनट चली बैठक में सीएम ने राजनीतिक हालात और सरकार के कामकाज के बारे में फीडबैक लिया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री ने सरकार की कमियों के बारे में जानकारी ली। रात साढ़े 10 बजे के करीब सीएम रेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए।