गांव पेद्दा में शुक्रवार को तीन लोगों की मौत के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है। बेबस पशु चारे के लिए तरस रहे हैं। उन्हें चारा तक देने वाला कोई नहीं हैं। आरोपियों के घरों के दरवाजे बंद हैं। कुछ घरों में केवल महिलाएं ही नजर आ रही हैं। मृतकों के घरों पर रिश्तेदारों का तांता लगा है। उनके घरों पर कोहराम मचा हुआ है। गांव पेद्दा में हर जगह पुलिस तैनात है। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है।
घटना के बाद से लोग सहमे हैं। लोगों को अभी भी डर है कि उनके साथ कोई घटना न हो जाए। चौराहों व पेड़ों की छांव में टुकड़ों के रूप में बंटे लोगों की जुबान पर शुक्रवार की घटना है। पीड़ित पक्ष का हर कोई लोग यही कह रहा है कि उन्होंने ऐसा क्या कसूर किया था जो इस तरह उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। कोई बात थी तो दूसरे पक्ष के लोग घर पर आकर कहते।
इस तरह गोलियां बरसाकर इन लोगों की जान क्यों ली। गांव में मृतकों के घरों में रिश्तेदारों व मिलने वालों का तांता लगा हुआ है। घरों में कोहराम मचा है। हमलावरों के घरों के पुरुष फरार हैं। इन किसानों के पशुओं को चारा व पानी देने वाला कोई नहीं है। कुछ घरों में महिलाएं जरूर नजर आ रही हैं, पर वे भी सहमी हुई हैं। विश्वकर्मा समाज के एक व्यक्ति का दरवाजा टूटा हुआ है।
पूरे घर में कोई नजर नहीं आ रहा है। घर में तीन गाय बंधी हैं। पर उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इन गायों को शुक्रवार से चारा व पानी तक नहीं मिला है। पत्रकारों ने पशुओं को चारा, पानी न मिलने की बात एसपी देहात डा.धर्मवीर सिंह से कही। एसपी देहात ने कहा कि पुलिसकर्मी पशुओं को चारा व पानी देंगे।
ठंडा पड़ा चूल्हा, गांव वालों ने खिलाया खाना
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शुक्रवार को गोलीबारी के वक्त अहसान के घर में नाश्ता बनाया जा रहा था। मकान की छत पर रखे चूल्हे पर आग जल रही थी। लेकिन गोलीबारी के बाद मंजर बदल गया। तीन लोगों की मौत हो गई, दर्जनों घायल हो गए। तबाही के उस मंजर के बाद से घर का चूल्हा ठंडा ही पड़ा है।
शनिवार को गांव वालों ने एक स्थान पर अहसान और इस्तखार के परिजनों और रिश्तेदारों के लिए खाना बनवाया गया। वहां से खाना बुग्गी पर लादकर उनके घर पर ले जाया गया। युवकों ने ही परिजनों व रिश्तेदारों को खाना खिलाया।
चोट के घाव तो भर जाएंगे, कैसे भरेंगे दिल के घाव
अपनों को खोने का गम जरीना की आंखों में साफ झलक रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती पेद्दा कांड की घायल जरीना के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। बेड पर लेटी जरीना अपने पति के इंतराज में कक्ष के गेट पर निगाहें लगाई बैठी हैं। परिजनों ने जरीना को अभी तक नहीं बताया है कि उसके पति अनसुद्दीन की मौत हो गई है।
घायलों ने कहा कि उन्हें अस्पताल में बेहतर चिकित्सका सुविधा मिल रही है उनके शरीर पर लगी चोटों के घाव तो भर जाएंगे लेकिन दिल के घाव भरने में कुछ समय लगेगा। पेद्दा कांड में गांव के तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में गांव के अनीसुद्दीन उनका भाई अहसान व भतीजा सरफराज शामिल है।
इस कांड में अनसुद्दीन की पत्नी जरीना व पुत्री फरहीन गंभीर रूप से घायल है जरीना जिला अस्पताल में आपात कालीन कक्ष में भर्ती है। परिजनों ने उसे यह नहीं बताया कि अनीसुद्दीन की मौत हो गई उसे केवल देवर व भतीजे की मौत के बारे में जानकारी दे दी गई है। जरीना अपने पति अनीसुद्दीन के अस्पताल न आने के बारे में बार बार पूछ रही है।
जरीना की आंखों में देवर व भतीजों को खो देने का गम साफ नजर आ रहा है। जरीना अस्पताल के कक्ष के गेट पर पति के आने का इंतजार कर रही है। जरीना बेड पर पड़ी अपनी घायल पुत्री फरहीन के स्वास्थ्य के बारे में भी लगातार मालूम कर रही है।
संगीनों के साए में हुआ पोस्टमार्टम
चप्पे-चप्पे में पुलिस का पहरा
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डीएम और एसपी संभाल रहे थे पोस्टमार्टम की कमान, चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस तैनात
पेद्दा कांड के मृतकों का संगीनों के साए में पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में भारी संख्या में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही। किसी भी बाहरी व्यक्ति को पोस्टमार्टम हाउस की ओर जाने नहीं दिया गया। पोस्टमार्टम पर निगरानी रखने के लिए डीएम जगतराज त्रिपाठी व एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव पूरे समय अस्पताल में मौजूद रहे।
पेद्दा कांड में मृतक अहसान, अनीसुद्दीन व सरफराज के शवों का शुक्रवार की रात करीब 11 बजे से पोस्टमार्टम शुरू हुआ जो सुबह साढ़े चार बजे तक चला। इस दौरान अस्पताल को पुलिस छाबनी में तब्दील कर दिया गया था। अस्पताल के दोनों गेटों पर भारी पुलिसबल तैनात रही, पुलिस व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि कोई भी बाहरी व्यक्ति पोस्टमार्टम हाउस की ओर नहीं जा सका।
पुलिस ने मृतकों के रिश्तेदारों को भी पोस्टमार्टम हाउस की ओर जाने से रोके रखा। अस्पताल में डीएम जगतराज व एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान थामे थे। अस्पताल में बिजनौर, नजीबाबाद व नगीना के सीओ समेत कई थानों के इंस्पेक्टर, एसओ व सैकड़ों पुलिसकर्मी अस्पताल के चप्पे-चप्पे पर मौजूद थे।
किसी भी हालत से निपटने के लिए पीएसी को भी अस्पताल में तैयार रखा गया था। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भी इस दौरान मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की और से सीएमओ डा.सुखवीर सिंह व सीएमएस वीके शुक्ला अपनी मेडिकल टीम के साथ मौजूद रहे। पोस्टमार्टम टीम में महिला अस्पताल से डा.एफसी वर्मा व डा.बीआर त्यागी शामिल रहे।
मृतकों के शरीर में मिले 12 बोर के छर्रे व 315 बोर की गोलियां
सूनसान पड़ी गांव की गलियां
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पोस्टमार्टम में अहसान के शरीर में 12 बोर के 32 छर्रे व अनीसुद्दीन को 12 बोर के 22 छर्रे लगे हैं। इन दोनों को छर्रे पेट, गर्दन व सीने में लगे हैं। सरफराज को 315 बोर की दो गोली सिर व कमर में दाई ओर लगी है।
24 घंटे बाद भी नहीं आई जांच रिपोर्ट
पेद्दा कांड के जिला अस्पताल में भर्ती घायलों ने 24 घंटे बाद भी एक्सरे व अन्य जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के आरोप लगाए हैं। तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल की ओर से घायलों को खाने के लिए कुछ भी नहीं दिया गया है। पेद्दा कांड में घायल हुए सलाउद्दीन, मुनीजा, फुरकान, फरहीन, जरीना, शाहरुख, गुलफाम, नसीमा ने बताया कि उनका शुक्रवार का एक्सरे व अन्य जांच कराई गई थी।
24 घंटे बाद भी जांच रिपोर्ट के बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया गया है। वह इस बात को लेकर परेशान है कि कहीं उनको कोई गंभीर चोट तो नहीं है। तीमारदारों का कहना है कि घायलों को दवा तो सही समय से मिल रही है लेकिन भर्ती करने के बाद से घायलों को अस्पताल की ओर से चाय, दूध व खाना नहीं दिया गया है, जबकि अस्पताल में बीमारों को खाद्य पदार्थ देने की व्यवस्था रहती है।
उन्होंने इस बारे में कई बार अस्पताल के कर्मचारियों से पूछा लेकिन किसी ने कोई उचित जवाब नहीं दिया। सीएमएस वीके शुक्ला का कहना है कि चाय और खाने की व्यवस्था वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए होती है। आपातकालीन कक्ष में भर्ती घायलों के लिए यह सुविधा नहीं है।
खौफनाक मंजर बयां कर रहे गोलियों के निशान
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गांव पेद्दा में शुक्रवार को हुई घटना का खौफनाक मंजर अहसान के घर की दीवार और खिड़की बयां कर रहे हैं। इन पर अभी भी गोलियों के निशान हैं। गोलियां के टकराने से टूटी थोड़ी धातु अभी भी दीवार के गड्ढों और खिड़की पर लगी है। छेड़छाड़ को लेकर हुए विवाद में गोलियों का निशाना अहसान और इस्तखार के परिवार ही रहे।
अहसान, उसका बड़ा भाई अनीसुद्दीन, भतीजा सरफराज व अन्य परिजन घटना के समय नाश्ता करने की तैयारी कर रहे थे। सभी घर की छत पर अन्य परिजनों के साथ मौजूद थे। गांव वालों के मुताबिक जब गोली चली तो उनके घर में भगदड़ मच गई। सभी ने जान बचाने की कोशिश की। गोलियों के कई निशान छत पर बने उनके कमरे की खिड़की और दरवाजों पर अभी भी मौजूद हैं।
कारतूस की धातु के टुकड़े मकान के ऊपर बने कमरे की खिड़की और दरवाजों में गोली लगने से बने गड्ढों में अभी भी धंसे हैं। घर वाले भी दहशत में हैं। आने-जाने वाले हर अफसर और रिश्तेदार को गालियों के निशान दिखा रहे हैं। इस्तखार के परिवार वाले भी खौफ में हैं। शुक्रवार को पथराव के दौरान उनके घरों पर फेंके गए पत्थर अभी भी छत पर ही पड़े हैं।
अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए की कार्रवाई, सोशल मीडिया ठप
गमजदा परिवार
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गांव पेद्दा में शुक्रवार को हुए संघर्ष के बाद उपजे तनाव के बीच जिला प्रशासन ने शनिवार सुबह से ही इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं। इंटरनेट सेवा बंद होने से मोबाइल और मॉडम से नेटवर्क गायब हो गए। इंटरनेट का ब्लैक आउट हो गया। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को देखते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
हालांकि इससे जनता को असुविधा का भी सामना करना पड़ा। प्राइवेट फर्मों में कार्य भी प्रभावित रहा। पेद्दा की घटना के बाद तरह सोशल मीडिया पर तरह तरह के मैसेज वायरल होते रहे। कई बार अनेक स्थानों पर हंगामा होने की झूठी खबरें भी सोशल मीडिया पर वायरल होती रहीं और अफवाहों का दौर चलता रहा। इसको देखते हुए प्रशासन ने मोबाइल व मॉडम के इंटरनेट नेटवर्क बंद करा दिए।
सुबह को जब लोगों ने उठकर अपने मोबाइल पर घटना की अपडेट लेनी चाही तो मोबाइल में इंटरनेट के सिग्नल ही नहीं आए। सबसे पहले देहात क्षेत्र में इंटरनेट सुविधा बाधित की गई। दोपहर 12 बजते-बजते लगभग पूरे जिले के ही इंटरनेट नेटवर्क जाम हो गए। पूरे जिले में इंटरनेट का ब्लैक आउट हो गया।
सभी एक दूसरे से नेटवर्क न आने के बारे में पता करते रहे। कुछ लोग तो अपना इंटरनेट पैक खत्म समझकर रिचार्ज कराने भी पहुंच गए। हालांकि इंटरनेट बंद होने का असर बैंकिंग सुविधा पर नहीं पड़ा और बैंकों व एटीएम मशीनों पर अंडरग्राउंड इंटरनेट लाइन के जरिये लेन-देन किया गया।