आजकल लोगों के बीच अपनी कार के लिए वीआईपी नंबर लेने की होड़ बढ़ती जा रही है। चाहे फिर उस नंबर की कीमत कितनी भी ज्यादा क्यों न हो। राजस्थान के सीकर में भी कुछ ऐसा ही हुआ। यहां परिवहन कार्यालय में कार के पंजीकरण के लिए नई श्रृंखला आरजे- 23 सीडी में वीआईपी नंबर 001 के लिए बोली लग रही थी। लगभग आधा दर्जन कार मालिक यहां बोली लगाने के लिए आए थे। यह बोली शुरु हुई थी 11,000 रुपये से और खत्म हुई 6.51 लाख रुपये पर।
इसमें नंबर की बोली लगाने में सुभाष कॉलोनी के बेगराज बुग्रक सफल हुए। बता दें कि 6.51 लाख रुपये के अलावा बोली के आवेदन के लिए उन्होंने 1.11 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी लिया था। इसके अलावा बुद्रक को अपने वाहन के पंजीकरण के लिए 50,000 रुपये भी खर्च करने पड़े। यानि अगर पंजीकरण की राशि को हटा दिया जाए तो वीआईपी नंबर के लिए बुग्रक को कुल 7.62 लाख रुपये खर्च करने पड़े।
बुद्रक ने जिस कार के लिए वीआईपी नंबर खरीदा है, वह है टाटा नेक्सन। इस गाड़ी की कीमत है 8.14 लाख रुपये। बुद्रक ने वीआईपी नंबर खरीदने के लिए लगाई गई बोली का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पिछली बार एक वीआईपी नंबर की बोली 6.21 लाख रुपये में लगी थी। जो कि मर्सिडीज ई220डी कार के लिए खरीदा गया था। उस गाड़ी की कीमत थी 57.64 लाख रुपये।
वीआईपी नंबर के लिए लगाई गई सबसे बड़ी बोली
कार्यालय में वीआईपी नंबर के लिए बोली की संख्या के साथ साथ वहां नजारा देखने वालों की भीड़ भी बढ़ती जा रही थी। बोली कमेटी में जिला परिवहन अधिकारी रामचरण मीना, इंस्पेक्टर दिनेश सिंह और अकाउंटेंट आयूब अली भी मौजूद थे। कमेटी का कहना है कि सीकर परिवहन कार्यालय में वीआईपी नंबर के लिए लगाई गई ये अभी तक की सबसे बड़ी बोली है।