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Mohan Bhagwat Statement: संघ प्रमुख के बयान को बृंदा करात ने बताया भड़काऊ-संविधान विरोधी, ओवैसी ने कही यह बात

Wed, 11 Jan 2023 06:21 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mohan Bhagwat Statement: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सीपीएम नेता बृंदा करात ने कहा कि उनका बयान संविधान के खिलाफ है। यह आपत्तिजनक और भड़काऊ है। अदालत को उनके बयान का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत सीधे तौर पर लोगों को मुसलमानों के खिलाफ हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं।
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Asaduddin Owaisi-Brinda Karat - फोटो : ANI
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विस्तार
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सीपीएम नेता बृंदा करात ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की हालिया टिप्पणी को 'बेहद आपत्तिजनक, संविधान विरोधी और भड़काऊ' बताया है। बता दें, एक साक्षात्कार में भागवत ने कहा था कि यह सीधी सी बात है कि हिंदुस्तान को हिंदुस्तान रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा था कि भारत में इस्लाम और मुसलमानों को कोई खतरा नहीं है। लेकिन भारत में रहने वालों को श्रेष्ठता का भाव छोड़ना होगा।

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भागवत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बृंदा करात ने कहा, आरएसएस प्रमुख का बयान संविधान के खिलाफ है। यह आपत्तिजनक और भड़काऊ है। अदालत को भी उनके बयान का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। पूर्व राज्यसभा सांसद ने कहा कि ऐसा लगता है कि संघ प्रमुख भागवत भारत में रहने के लिए मापदंड तय करेंगे। मोहन भागवत और उनके हिंदुत्व ब्रिगेड को संविधान, विशेष रूप से अनुच्छेद 14 और 15 को पढ़ना चाहिए। देश में हर नागरिक को समान अधिकार हैं, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।

करात ने आरोप लगाया कि क्या मोहन भागवत तय करेंगे कि हम कैसा व्यवहार करें? उन्होंने कहा कि आरएसएस के पूर्व प्रमुख माधव सदाशिव गोलवलकर ने कहा था कि अगर मुसलमान भारत में रहना चाहते हैं तो उन्हें अधीन रहना होगा। मौजूदा आरएसएस प्रमुख आज भी इस सोच को थोपना चाहते हैं।
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ओवैसी ने मोहन भागवत के बयान को उकसाने वाला बताया
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर आपत्ति जताई है और इसे उकसाने वाला करार दिया है। हैदराबाद के सांसद ने कहा कि मुसलमान सिर्फ समानता और समान नागरिकता की बात कर रहे हैं, न कि खुद को सर्वश्रेष्ठ बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लिए विविधता राष्ट्र-विरोधी है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मोहन भागवत सीधे तौर पर लोगों को मुसलमानों के खिलाफ हिंसा करने के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत महंगाई, बेरोजगारी, भारत-चीन और रुपये की कीमत के मुद्दे पर कभी नहीं बोलेंगे।

संघ प्रमुख भागवत ने कहा था कि कट्टर ईसाई और कट्टर मुसलमान कहते हैं कि पूरी दुनिया को ईसाई या मुसलमान बना देंगे। दूसरे धर्मों को या तो हमारी दया पर जीना पड़ेगा या मरना होगा। जबकि हम मानते हैं कि जिन्हें अच्छा बनना है, वह हमारा अनुसरण करेगा। अगर नहीं करेगा तो, वह स्वतंत्र है। मगर अब समय बदल गया है और हमें यह चिंता भी करनी होगी कि कट्टर विचार वाले हमारा कुछ न बिगाड़ सकें।

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